देहरादून।
केदारपुरम क्षेत्र के रामनगर में नदी किनारे बने अवैध मकानों और प्लाटिंग को ध्वस्त करने पहुंची नगर निगम टीम पर भीड़ ने पथराव कर दिया। पथराव में निगम के एक इंस्पेक्टर को काफी चोटें आईं। अपर मुख्य नगर अधिकारी (एएमएनए) समेत निगम और पुलिस कर्मियों ने भाग कर जान बचाई। बाद में अतिरिक्त फोर्स पहुंचने पर निगम ने आधा दर्जन मकानों को ध्वस्त कर दिया। पथराव और अतिक्रमण के मामले में कांग्रेसी नेता राकेश भट्ट समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शुक्रवार अपराह्न एएमएनए हरक सिंह रावत के नेतृत्व में निगम टीम जेसीबी लेकर नारी निकेतन के पीछे स्थित बस्ती में पहुंची। यहां रिस्पना किनारे काफी संख्या में बाकायदा प्लाटिंग की गई है। वहीं, कई मकान भी बन गए हैं। निगम टीम ने इन्हें अवैध करार देते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। अभी जेसीबी ने दो-तीन दीवारें ही तोड़ी थीं कि वहां इकट्ठा हुए लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इनमें से दो लोगों ने पट्टे के कागजात पेश किए, जिन्हें निगम स्टाफ ने फर्जी बताया। इस पर विरोध जता रहे लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही भगदड़ मच गई। उस वक्त मौके पर गिने-चुने पुलिसकर्मी ही टीम के साथ थे। पथराव से बचने के लिए एएमएनए रावत, अधीक्षक (भूमि) राजेश नैथानी, अतिक्रमण विरोधी अभियान के प्रभारी इंस्पेक्टर दर्शन केष्टवाल समेत निगम स्टाफ और पुलिस कर्मियों को इधर-उधर भागना पड़ा। काफी दूर तक भीड़ ने उन्हें खदेड़ा। निगम के इंस्पेक्टर मदन गोपाल भीड़ के बीच फंस गए। पथराव में उनके सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं।
पथराव की सूचना मिलने के बाद नेहरू कालोनी के थानेदार अतिरिक्त फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने पर भीड़ इधर-उधर खिसक गई। इसके बाद एएमएनए ने पूरी टीम को इकट्ठा किया और दुबारा से कार्रवाई शुरू की गई। निगम ने आधा दर्जन मकानों को ध्वस्त कर दिया। इस बीच, ऊपर से अधिकारियों के निर्देश मिलने पर निगम टीम ने कार्रवाई रोक दी। कांग्रेस से जुड़े एक पूर्व जनप्रतिनिधि की ओर से भी लगातार अधिकारियों पर दबाव बनाए जाने की जानकारी सामने आई है
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