देहरादून, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती में बरती जा रही लापरवाही पर शासन ने सख्ती दिखाई है। शासन ने सभी जिलों के डीएम को तलब करते हुए इसकी प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
महिला एंव बाल विकास विभाग ने करीब एक साल पूर्व 14008 आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मिनी कार्यकत्री व सहायिका की नियुक्ति की योजना बनाई। गत अगस्त में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इसे दिसंबर तक पूरा करने के सख्त निर्देश भी दिए गए लेकिन विभागीय आंकडे़ बता रहे हैं कि अभी तक 9128 नियुक्तियां ही की जा सकी हैं। इस मामले में टिहरी समेत चार जिलों का प्रदर्शन बेहद खराब है। टिहरी में 1503 में 121, रुद्रप्रयाग में 452 में से 102, ऊधमसिंहनगर में 2278 में 1356 और हरिद्वार में 2502 में से महज 1357 निुयक्तियां ही की गई हैं। यही नहीं कई जगहों पर भर्ती में अनियमितताओं की शिकायतें भी शासन को मिली हैं। अहम बात यह है कि मामले के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े होने के बावजूद जिला स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। इसे लेकर सीएम कार्यालय व मुख्य सचिव की ओर से संबंधित अफसरों को काम-काज के तरीके में बदलाव लाने को चेताया भी जा चुका है।
महिला एंव बाल विकास विभाग ने करीब एक साल पूर्व 14008 आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मिनी कार्यकत्री व सहायिका की नियुक्ति की योजना बनाई। गत अगस्त में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इसे दिसंबर तक पूरा करने के सख्त निर्देश भी दिए गए लेकिन विभागीय आंकडे़ बता रहे हैं कि अभी तक 9128 नियुक्तियां ही की जा सकी हैं। इस मामले में टिहरी समेत चार जिलों का प्रदर्शन बेहद खराब है। टिहरी में 1503 में 121, रुद्रप्रयाग में 452 में से 102, ऊधमसिंहनगर में 2278 में 1356 और हरिद्वार में 2502 में से महज 1357 निुयक्तियां ही की गई हैं। यही नहीं कई जगहों पर भर्ती में अनियमितताओं की शिकायतें भी शासन को मिली हैं। अहम बात यह है कि मामले के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े होने के बावजूद जिला स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। इसे लेकर सीएम कार्यालय व मुख्य सचिव की ओर से संबंधित अफसरों को काम-काज के तरीके में बदलाव लाने को चेताया भी जा चुका है।
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