17/01/2012
टिहरी- रुड़की के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी टिहरी पहुचेंगी। यहां करीब 12 बजे सोनिया गांधी एक जनसभा को संबोधित करेंगी।
बैराड़ी स्थित गांधी स्टेडियम में आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगी। रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ता जोरशोर से तैयारी में जुटे हैं। हालांकि मौसम की बदमिजाजी ने पार्टी प्रत्याशियों और नेताओं को जरूर चिंता में डाल दिया है। रैली में जहां जिले की सभी छह सीटों के पार्टी प्रत्याशी शामिल होंगे, वहीं कई विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ता भी नई टिहरी पहुंचने लगे हैं।
जागर
जागर का मतलब होता है जगाना, उत्तराखण्ड और नेपाल के पश्चिमी क्षेत्रोँ मेँ कुछ ग्राम देवताओँ
की पूजा कि जाती है, जैसे गंगनाथ, गोलु, भनरीया, काल्सण आदि। बहुत देवताओँ को स्थानीय भाषा मेँ ग्राम देवता कहा जाता है। ग्राम देवता का अर्थ गांव का देवता है, इसलिए उत्तराखण्ड और डोटी के लोग देवताओँ को जगाने के लिए जागर लगाते हैँ। जागर मन्दिर या घर मेँ कहीं भी किया जाता है। जागर "बाइसी" और "चौरास" दो तरह के होते हैँ. बाइसी, बाईस दिनोँ तक जागर किया जाता है। कहीँ-कहीं दो दिन का जागर को भी बाईसी कहा जाता है। चौरास मुख्यतया चौदह दिन तक चलता है, लेकिन कहिं कहिं चौरास को चार दिनोँ मेँ ही खत्म कर दिया जाता है। जागर मेँ "जगरीया" मुख्य पात्र होता है, जो रामायण, महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथों की कहानियों के साथ ही जिस देवता को जगाया जाना है उस देवता के चरित्र को स्थानीय भाषा मेँ वर्णन करता है, जगरिया हुड्का (हुडुक) ढोल और दमाउ बजाते हुए कहानी बताका है, जगरिया के साथ मेँ दो तीन लोग और रहते हैँ, जो जगरिया के साथ जागर गाते हैँ और कांसे की थाली को नगाडे़ की तरह बजाते हैँ। जागर का दुसरा पात्र होता है "डंगरिया" (डग मगाने वाला) डंगरिया के शरीर मेँ देवता चढता है. जगरिया के जगाने पर डंगरिया कांपता है और जगरिया के गीतोँ की ताल मेँ नाचता है। डंगरिया के आगे चावल के दाने रखे जाते हैँ जिसे हाथ मेँ लेकर डंगरिया और लोगोँ से पुछा गए सवाल का जवाब देता है। जागर का तीसरा पात्र होता है, स्योँकार (सेवाकार) स्योँकार उसे कहा जाता है जो अपने घर या मन्दिर मेँ जागर कराता है और जगरिया डगरीया लगायत दूसरे लोगोँ के लिए भोजन पानी का पुरी व्यवस्था करता है।
