चमोली


05/August/2012

अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से भयभीत
गोपेश्वर: चमोली जिले में लगातार बारिश से लोग सहमे हुए हैं। खासतौर पर नदी किनारे रहने वाले लोग अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से भयभीत हैं। आपदा प्रभावित गांवों के लोग भी घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर डेरा डाले हुए हैं। प्रशासन ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि चमोली जिले में दो दिन से लगातार बारिश से अलकनंदा, धौली, पिंडर व नंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रह रहे लोगों से सतर्क रहने को कहा है। पुलिस ने नदी किनारे बसे गांव व शहरों में लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर नदी किनारे न जाने की हिदायत दी है। जिले में पहले भी आपदा से 72 गांव प्रभावित हैं जिनका विस्थापन नहीं हो पाया है। आपदा प्रभावित छिनका, चमेली, अमरपुर सहित गई गांवों में भूस्खलन व भूधसांव से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने बारिश के चलते घरबार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।


07/frb/2012

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित

गोपेश्वर: पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का परिणाम रविवार को घोषित कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि चमोली जिले से 82 पदों पर हुई भर्ती परीक्षा में युवाओं का चयन हुआ है। एसपी ने बताया कि लिखित परीक्षा में चमोली जिले से कुल 1762 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 75 अभ्यर्थियों का चयन पुलिस कांस्टेबल, पांच पीएसी और दो अभ्यर्थियों का चयन बतौर फायरमैन हुआ है।



17/01/2012

लापता फ्रेंच पर्यटक का सुराग नहीं


जोशीमठ: जोशीमठ से 14 दिसंबर से लापता फ्रेंच नागरिक आइडी सीको की खोजबीन में जुटी टीम सोमवार को बर्फबारी के चलते पर्यटक की खोजबीन नहीं कर सकी। हालांकि लापता विदेशी पर्यटक के परिजन अभी भी जोशीमठ में डेरा डाले हुए हैं। गौरतलब है कि 53 वर्षीय फ्रेंच नागरिक आइडी सीको 7 दिसंबर को नेपाल के रास्ते भारत आए थे। एडवेंचर के शौकीन आइडी सीको ने अंतिम बार 13 दिसंबर को अपने परिजनों को जोशीमठ में होने की जानकारी दी थी। तब से वे लापता हैं। पर्यटक की पत्‍‌नी ने अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट जोशीमठ थाने में लिखाई है। जिसके बाद पुलिस, वन विभाग और आइटीबीपी की संयुक्त टीम ने हाथी पर्वत पर रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन सोमवार को मौसम की खराबी के चलते टीम अभियान नहीं चला सकी।



मकर संक्रांति 15 जनवरी के दिन
मकर संक्रांति और 14 जनवरी को एक-दूसरे का पर्याय माना जाता है। आमजन को यह मालूम है कि दीपावली, होली सहित कई पर्व की तारीख तय नहीं होती लेकिन मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही मनाई जाती है। इस बार यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। ऐसा क्यों? वह इसलिए क्योंकि सूर्य का धनु से मकर राशि में प्रवेश 14 को मध्यरात्रि के बाद होगा। पंडितों की मानें तो सन् 2047 के बाद ज्यादातर 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति आएगी। अधिकमास, क्षय मास के कारण कई बार 15 जनवरी को संक्रांति मनाई जाएगी। इससे पहले सन् 1900 से 1965 के बीच 25 बार मकर संक्रांति 13 जनवरी को मनाई गई। उससे भी पहले यह पर्व कभी 12 को तो कभी 13 जनवरी को मनाया जाता था। इस बार 15 को ही मनाना शास्त्र सम्मत- सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन संक्रांति है। सूर्य का धनु से मकर राशि में 14 जनवरी की रात 12.58 बजे प्रवेश हो रहा है। ऐसे में धर्म शास्त्रानुसार यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाना शास्त्र सम्मत है।

हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत

  हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत हो गई है। अगर आप हरिद्वार महाकुंभ Haridwar Kumbh में आने चाहते हैं तो आपको कोविड  (Covid-19)...