उत्तरकाशी

25/MAY/2012

पुरोला- एसडीएम आवास में आगजनी
उत्तरकाशी/पुरोला- पुलिस हिरासत से छूटने के बाद छाड़ा गांव की नाबालिग लड़की की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने तहसील कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की, साथ ही एसडीएम आवास में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे एसपी को तीन घंटे तक घेरे रखा। इस बीच, एक दारोगा व सिपाही समेत चार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया। एसपी ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्र्वासन दिया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुरोला बाजार को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। देर शाम डीआइजी संजय गुंज्याल ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की बात कही। दूसरी तरफ, पूरे दिन गतिरोध के चलते वीरवार को किशोरी के शव का पोस्टमार्टम देर शाम हो पाया। लड़की भगाने के मामले में टिहरी पुलिस ने पंद्रह वर्षीय आंचल पुत्री दिनेश रावत को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बुधवार को हिरासत से छूटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और शाम उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है पुलिस की प्रताड़ना से आंचल की मौत हुई। पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटना के बाद से आंदोलित हैं। बुधवार की रात उन्होंने पुरोला बाजार पुलिस चौकी के बाहर गुजारी। वीरवार सुबह प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया। काफी संख्या में प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में तहसील कार्यालय पहुंचे और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने दरवाजे खिड़की के साथ ही फर्नीचर तोड़ डाला। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम वीएस राणा के आवास पर धावा बोल आग लगा दी। वहां मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी सामान जलकर राख हो गया।



07/FEB/2012

नहीं मिला मुआवजा, जताया रोष

पुरोलाः मोटर मार्ग निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई ग्रामीणों की ज़मीन का मुआवजा नहीं दिए जाने पर गुस्सा जाहिर किया। काश्तकारों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर शीघ्र ही मुआवजा दिए जाने की मांग की है। मामला है प्रखंड के खरसाड़ी जीवाणु मोटर मार्ग का। इस मार्ग निर्माण के लिए खरसाडी, डोभाल गांव, रमाल गांव, कुमणाई और देवजानी के ग्रामीणों की ज़मीन अधिग्रहित की गई थी। अब रोड कटिंग किए जाने के चार महीने बाद भी ग्रामीणों को उनकी भूमि का मुआवजा नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर शीघ्र मुआवजा दिए जाने की बात कही। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत पांच गांवों को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए 11 किलो मीटर रोड की कटिंग की गई, लेकिन इसके लिए अधिग्रहित की गई किसानों की भूमि का मुआवजा उन्हें नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जल्दी ही मुआवजा नहीं दिए जाने पर वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत

  हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत हो गई है। अगर आप हरिद्वार महाकुंभ Haridwar Kumbh में आने चाहते हैं तो आपको कोविड  (Covid-19)...