हरिद्वार- बाबा रामदेव ने मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने केबाद घोषणा की कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान नए जोश के साथ जारी रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को आध्यात्मिक और आर्थिक शक्ति बनाने के लिए वह जीवनभर संघर्ष करते रहेंगे और सत्य की एक दिन विजय होगी। अलबत्ता, केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी से परहेज किया। रामदेव ने स्वामी निगमानंद को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। फिलहाल बाबा कुछ दिनों तक मौनव्रत रखेंगे और चिकित्सकों की सलाह के मुताबिक एक हफ्ते तक पूर्ण विश्राम करेंगे। इस दौरान मीडिया से भी दूर रहेंगे। अस्पताल से पतंजलि योगपीठ पहुंचने पर रामदेव का भव्य स्वागत किया गया।बाबा रामदेव को जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल से मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे छुट्टी दी गई। डाक्टरों के अनुसार बाबा की सेहत अब सामान्य है। उन्हें एक सप्ताह तक प्राणायाम न करने की सलाह दी गई है। जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल परिसर में मीडिया कर्मियों से बातचीत में बाबा ने कहा कि दिल्ली में पिछले दिनों उनके और स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर जिस तरह से बर्बरता की गई उससे उनका अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाकर कोई पाप नहीं किया। जब उनसे केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल किया गया तो सिर्फ इतना कहा कि वह केवल अपने अभियान पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। इस दौरान रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि बाबा कुछ दिनों तक स्वास्थ्य लाभ करेंगे, इसलिए मीडिया से कोई बात नहीं करेंगे।
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