हरिद्वार। जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उटाते हुए जनपद में किए जा रहे सभी प्रकार के खनन और चुगान कार्यों पर रोक लगा दी है। रोक का आदेश उन सभी क्षेत्रों में प्रभावी होगा, जहां पर बाढ़ के प्रकोप से जन सामान्य को क्षति हो सकती है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से इस रोक का कारण समय से पूर्व प्रारंभ हुई बारिश को बताया जा रहा है। लेकिन समझा जा रहा है कि अवैध खनन के खिलाफ अनशन करने वाले स्वामी निगमानंद की मौत के बाद प्रशासन की ओर से यह कदम उठाया गया है।
जिलाधिकारी डा. आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है इस वर्ष मानसून समय से पूर्व आने के कारण वर्षा प्रारंभ हो गई है। वर्षाकाल में बाढ़ और अतिवृष्टि आदि से होने वाली क्षति की संभावनाओं के दृष्टिगत जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। इसलिए हरिद्वार में बाढ़ के प्रकोप से संभावित सभी क्षेत्रों में खनन और चुगान कार्यों पर रोक लगाई जाती है। यह रोक अग्रिम आदेश तक जारी रहेगी। जिलाधिकारी ने बताया इस आदेश का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उत्तराखंड उपखनिज नियमावली 2001 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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