देहरादून, जागरण संवाददाता: रक्षा मंत्रालय के लेह-लद्दाख रोड प्रोजेक्ट से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं लीक करने व निजी कंपनी के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के मामले में यूपी कैडर के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी सदाकांत से दूसरे दिन पूछताछ की गई। हालांकि, सीबीआइ अभी कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। इस दौरान चर्चा रही कि विदेश मामलों से जुड़ी खुफिया एजेंसी ने भी सदाकांत से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। अक्टूबर में सीबीआइ ने एनपीसीसी और सीपीडब्लूडी के तीन अफसरों समेत निजी कंपनी के अफसरों व कर्मियों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। सीबीआइ का दावा है कि आरोपियों ने रक्षा मंत्रालय के लेह-लद्दाख रोड प्रोजेक्ट में करोड़ों का घोटाला किया। जिस समय यह घोटाला हुआ, उस वक्त सदाकांत प्रतिनियुक्तिपर रक्षा मंत्रालय के बार्डर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में बतौर संयुक्त सचिव तैनात थे। आरोप है कि कांट्रेक्ट से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं को सदाकांत ने ही लीक किया। सीबीआइ का दावा है कि इसकी एवज में सदाकांत को मोटी राशि मिली थी। इस खुलासे के बाद केंद्र ने सदाकांत की प्रतिनियुक्तिखत्म कर उन्हें वापस उत्तर प्रदेश भेज दिया था। वह तभी से छुट्टी चल रहे थे। शुक्रवार को सीबीआइ के सम्मन पर सदाकांत यहां पहुंचे थे, जहां उनसे करीब छह घंटे तक गहन पूछताछ की गई थी। अगली कार्रवाई तक सदाकांत को फिलहाल देहरादून में ही रोका गया था। सूत्रों ने बताया कि शनिवार को सदाकांत से फिर पूछताछ की गई। चूंकि मामले में कुछ गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान के लिए भी एकत्र करने का संदेह है।
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