मंगलौर, आक्सीजन प्लांट में विस्फोट के मामले में मृतकों के परिजनों, ग्रामीणों तथा फैक्ट्री प्रबंधन के बीच समझौते के बाद ग्रामीण दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गये। फैक्ट्री प्रबंधन ने दोनों मृतकों के लिए तीन-तीन लाख तथा घायल के लिए दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। प्रशासन की ओर से भी उन्हें एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा फैक्ट्री की ओर से किए गए कर्मचारियों के बीमे की रकम भी उनके परिजनों को ही दी जानी तय हुई है।
सोमवार की देर शाम झबरेड़ा रोड स्थित कुमार आक्सीजन प्लांट में सिलेंडर फटने से विस्फोट हो गया था। इसमें श्रमिकों लोकेश कुमार पुत्र महिपाल निवासी लाठरदेवा हूण तथा सतीश पुत्र मेवा राम निवासी खुटैना हरदोई यूपी की मौत हो गई थी। इसके अलावा सोमबीर पुत्र सुकरम पाल निवासी लाठरदेवा हूण गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के काफी देर बाद भी प्रशासन की ओर से कोई मदद न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया। हादसे के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने एक मृतक सतीश का शव उठाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और दिल्ली हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने मुआवजा तय होने तक शव नहीं उठाने दिए। ग्रामीण पूरी रात फैक्ट्री पर बैठे रहे।
सोमवार की देर शाम झबरेड़ा रोड स्थित कुमार आक्सीजन प्लांट में सिलेंडर फटने से विस्फोट हो गया था। इसमें श्रमिकों लोकेश कुमार पुत्र महिपाल निवासी लाठरदेवा हूण तथा सतीश पुत्र मेवा राम निवासी खुटैना हरदोई यूपी की मौत हो गई थी। इसके अलावा सोमबीर पुत्र सुकरम पाल निवासी लाठरदेवा हूण गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के काफी देर बाद भी प्रशासन की ओर से कोई मदद न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया। हादसे के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने एक मृतक सतीश का शव उठाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और दिल्ली हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने मुआवजा तय होने तक शव नहीं उठाने दिए। ग्रामीण पूरी रात फैक्ट्री पर बैठे रहे।
No comments:
Post a Comment