नैनबाग/टिहरी, टिहरी जनपद के जौनपुर प्रखंड की पट्टी पालीगाड के मोलधार गांव में शुक्रवार तड़के बादल फटने से एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में परिवार के मुखिया के साथ ही दो बेटियां और पुत्रवधू और समधी हैं। मुखिया की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। भूस्खलन से आए मलबे में यहां 21 मवेशी भी दफन हो गए। उधर, नैनबाग से 25 किलीमोटर दूर स्थित ग्राम सिंदौल में भूस्खलन से एक गौशाला ध्वस्त होने से छह मवेशी मर गए। ग्राम जियाकोटी में एक मकान ध्वस्त हो गया।
मोलधार गांव से करीब पांच किमी की दूरी पर स्थित डांडा में ग्रामीणों ने पशुओं को रखने के लिए छानी (गौशाला)बनाई हुई है। इसी में रहकर वे लोग पशुओं की देखभाल करते हैं। शुक्रवार तड़के दो बजे इस इलाके में बादल फटने से भूस्खलन हो गया। मलबे से गबरूलाल की छानी जमींदोज हो गई। चीख पुकार सुनकर एक दूसरी छानी में सो रहे मदनलाल वहां पहुंचे।मध्यरात्रि की इस घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब दस बजे तहसीलदार मनवीर सिंह कंडारी आपदा प्रबंधन की टीम सहित मौके पर पहुंचे। प्रशासन की टीम और ग्रामीणों ने मलबे में दबे ग्रामीणों को बाहर निकाला।
हादसे में गबरूलाल की पत्नी शांति देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थत्यूड़ में भर्ती कराया गया। शाम को उसे यहां से मसूरी के लिए रैफर कर दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। गबरू के परिवार के अन्य सदस्य गांव में रह रहे थे।
शिक्षा मंत्री खजानदास ने मोलधार गांव में और आपदा प्रबंधन व जिले के प्रभारी मंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने थत्यूड़ पहुंचकर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। जिलाधिकारी राधिका झा ने पीड़ित परिवार को दीनदयाल उपाध्याय आवास सुविधा देने के साथ ही राहत राशि के एक-एक लाख रुपये के चेक दिए।
मोलधार गांव से करीब पांच किमी की दूरी पर स्थित डांडा में ग्रामीणों ने पशुओं को रखने के लिए छानी (गौशाला)बनाई हुई है। इसी में रहकर वे लोग पशुओं की देखभाल करते हैं। शुक्रवार तड़के दो बजे इस इलाके में बादल फटने से भूस्खलन हो गया। मलबे से गबरूलाल की छानी जमींदोज हो गई। चीख पुकार सुनकर एक दूसरी छानी में सो रहे मदनलाल वहां पहुंचे।मध्यरात्रि की इस घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब दस बजे तहसीलदार मनवीर सिंह कंडारी आपदा प्रबंधन की टीम सहित मौके पर पहुंचे। प्रशासन की टीम और ग्रामीणों ने मलबे में दबे ग्रामीणों को बाहर निकाला।
हादसे में गबरूलाल की पत्नी शांति देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थत्यूड़ में भर्ती कराया गया। शाम को उसे यहां से मसूरी के लिए रैफर कर दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। गबरू के परिवार के अन्य सदस्य गांव में रह रहे थे।
शिक्षा मंत्री खजानदास ने मोलधार गांव में और आपदा प्रबंधन व जिले के प्रभारी मंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने थत्यूड़ पहुंचकर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। जिलाधिकारी राधिका झा ने पीड़ित परिवार को दीनदयाल उपाध्याय आवास सुविधा देने के साथ ही राहत राशि के एक-एक लाख रुपये के चेक दिए।
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