मुंबई। शहर में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन पटरी से उतर गया और रेल सेवाएं बाधित रहीं। इस दौरान स्थानीय निकाय ने समुद्र में ज्वार की चेतावनी जारी की है। मध्य रेलवे और हार्बर लाइन पर रेल सेवाएं कुछ समय के लिए रोक देनी पड़ी मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह साढ़े आठ बजे के बाद से कोलाबा में 178.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सांताक्रूज में 232.6 मिमी बारिश हुई। विभाग ने और बारिश की भविष्यवाणी की है
Monday, 29 August 2011
विंटर ओलंपिक को तैयार किए जाएंगे स्केटर्स
देहरादून, : मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आइस स्केटिंग रिंक के माध्यम से खिलाड़ियों को दक्षिण एशियाई विंटर गेम्स व विंटर ओलंपिक गेम्स के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए अगले माह 30 बालक-बालिकाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, रिंक को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए निजी क्षेत्र का सहयोग लिया जाएगा।
स्पोर्ट्स कॉलेज स्थित रिंक में चल रहे दून आइस स्केटिंग कार्निवाल में सोमवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आयोजित रंगारंग कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शीतकालीन व साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्पोर्ट्स कॉलेज स्थित रिंक में चल रहे दून आइस स्केटिंग कार्निवाल में सोमवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आयोजित रंगारंग कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शीतकालीन व साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ट्रैक्टर पलटा, चालक समेत तीन की मौत
ऋषिकेश,,,,,,यमकेश्वर प्रखंड के नौड़खाल नांद मोटर मार्ग पर ट्रैक्टर ट्राली पलटने से चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। देर रात तक शवों को खाई से निकालने की कोशिश की जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, नौड़खाल-नांद मोटर मार्ग पर तल्ला नांद के लिए सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। अपराह्न करीब तीन बजे नौड़खाल से एक ट्रैक्टर ट्राली पर मार्ग निर्माण में लगे तीन मजदूर नांद के लिए रवाना हुए। सायं करीब सात बजे पता चला कि ट्रैक्टर ट्राली नांद के पास गहरी खाई में गिरा हुआ है। सूचना पाकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने खाई में तलाश किया तो यहां तीन लोगों के शव बरामद हुए। अंधेरा अधिक होने और संसाधनों की कमी के चलते ग्रामीण मृतकों को खाई से बाहर नहीं निकाल पाए। मृतकों में दो नेपाल मूल के और एक स्थानीय व्यक्ति बताया जा रहा है
विधायक ने होटल मालिक पर फायर झोंका, पिस्टल जब्त, हो सकती है गिरफ्तारी
रुड़की,,,कमरा न खुलवाने पर कांग्रेस विधायक कुंवर प्रणव सिंह 'चैंपियन' ने होटल मालिक पर लाइसेंसी पिस्टल से फायर झोंक दिया। संयोग से निशाना चूक गया और गोली दीवार से जा टकराई। होटल मालिक ने विधायक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी विधायक की पिस्टल जब्त कर ली। मौके से मिले कारतूस के टुकड़ों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। उधर, विधायक ने भाजपा के इशारे पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप होटल मालिक पर लगाया। रोडवेज बस स्टेंड पर स्थित मोटल पोलारिस में यह घटना हुई। होटल मालिक धु्रव सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि बीती रात विधायक कुंवर प्रणव सिंह अपने कुछ साथियों को लेकर होटल में आए। उन्होंने वेटर से कमरा नंबर 209 खोलने को कहा, लेकिन पहले से ही बुक होने की वजह से वेटर ने कमरा नहीं खोला। इस पर विधायक और साथ आए लोगों ने कमरे के दरवाजे पर लात मारनी शुरू कर दी। जानकारी मिलने पर वह (मालिक) होटल पहुंचे। विधायक को ऐसा करने से रोका पर वह नहीं माने। बात करते-करते विधायक उनके साथ कमरे में आ गए, तभी विधायक ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उन फायर झोंक दिया। गनीमत रही कि निशाना चूक गया और गोली दीवार पर जा लगी। होटल स्वामी ने दर्ज रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि विधायक ने उनके होटल के दो कमरे काफी दिनों से बुक किए हुए हैं। 15 दिन पहले होटल में कुछ विदेशी मेहमान ठहरे हुए थे। तब विधायक ने टैक्सी चालक के साथ मारपीट की।
स्वामी अग्निवेश की गिरफ्तारी का आदेश
पवित्र अमरनाथ यात्रा पर टिप्पणी करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में स्वामी अग्निवेश को 19 सितंबर तक गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है। हांसी की स्थानीय अदालत ने सोमवार को यह आदेश जारी किया। हरियाणा के हिसार में सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण तायल ने न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में 23 मई को स्वामी अग्निवेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि अग्निवेश ने श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इस पर अदालत ने पुलिस को 29 अगस्त तक स्वामी को अदालत में पेश करने का आदेश दिया था
Friday, 26 August 2011
BIOGRAPHY OF ANNA HAJAARE
किसन बाबूराव हज़ारे (जन्म: 15 जून, 1937), भारत के एक प्रसिद्ध गांधीवादी विचारधारा के सामाजिक कार्यकर्ता हैं। अधिकांश लोग उन्हें अन्ना हजारे (मराठी: अण्णा हजारे) के नाम से ही जानते हैं। सन् १९९२ में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। सूचना के अधिकार के लिये कार्य करने वालों में वे प्रमुख थे। साफ-सुथरी छबि वाले हज़ारे, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष करने के लिये प्रसिद्ध हैं। जन लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिये अन्ना ने १६ अगस्त २०११ से आमरण अनशन आरम्भ किया है, जिसे जनता से अपार समर्थन मिल रहा है जिससे घबराकर भारत सरकार भी उनकी मांगों पर विचार करने को राजी हो गयी है। अन्ना हजारे का जन्म 15 जून, 1937 को महाराष्ट्र के अहमदनगर के भिंगार गांव के एक किसान परिवार में हुआ था । उनके पिता का नाम बाबूराव हज़ारे और मां का नाम लक्ष्मीबाई हजारे था। [1] उनका बचपन बहुत गरीबी में गुजरा। पिता मजदूर थे। दादा फौज में। दादा की तैनाती भिंगनगर में थी। वैसे अन्ना के पुरखों का गांव अहमद नगर जिले में ही स्थित रालेगन सिद्धि में था। दादा की मौत के सात साल बाद अन्ना का परिवार रालेगन आ गया। अन्ना के छह भाई हैं। परिवार में तंगी का आलम देखकर अन्ना की बुआ उन्हें मुम्बई ले गईं। वहां उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की। परिवार पर कष्टों का बोझ देखकर वह दादर स्टेशन के बाहर एक फूल बेचनेवाले की दुकान में 40 रुपये की पगार में काम करने लगे। इसके बाद उन्होंने फूलों की अपनी दुकान खोल ली और अपने दो भाइयों को भी रालेगन से बुला लिया।
व्यवसाय
वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सरकार की युवाओं से सेना में शामिल होने की अपील पर अन्ना 1963 में सेना की मराठा रेजीमेंट में ड्राइवर के रूप में भर्ती हो गए। उनका पहला पदस्थापन पंजाब में हुआ। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अन्ना हज़ारे खेमकरण सीमा पर तैनात थे। 12 नवंबर 1965 को चौकी पर पाकिस्तानी हवाई बमबारी में वहां तैनात सारे सैनिक मारे गए।[2] इस घटना ने अन्ना की ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। इसके बाद उन्होंने सेना में १३ और वर्षों तक काम किया। उनका पदस्थापन मुंबई और कश्मीर में भी हुआ। १९७५ में जम्मू पदस्थापन के दौरान सेना में सेवा के १५ वर्ष पूरे होने पर उन्होंने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले ली। वे पास के रालेगांव सिद्धि में रहने लगे और इसी को अपनी सामाजिक कर्मस्थली बना लिया।
सामाजिक कार्य
१९६५ के युद्ध में मौत से साक्षात्कार के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उन्होंने विवेकानंद की एक बुकलेट 'कॉल टु दि यूथ फॉर नेशन' देखा और खरीद लिया। इसे पढ़कर उनके मन में भी अपना जीवन समाज को समर्पित करने की इच्छा बलवती हो गई। उन्होंने गांधी और विनोबा की भी पुस्तकें पढ़ी। 1970 में उन्होंने आजीवन अविवाहित रहकर स्वयं को सामाजिक कार्यों के लिए पूर्णतः समर्पित कर देने का संकल्प कर लिया।
मुम्बई पदस्थापन के दौरान वह अपने गांव रालेगन आते-जाते रहे। वे वहाँ चट्टान पर बैठकर गांव को सुधारने की बात सोचा करते थे। १९७५ में स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर रालेगाँव आकर उन्होंने अपना सामाजिक कार्य प्रारंभ कर दिया। इस गांव में बिजली और पानी की ज़बरदस्त कमी थी। अन्ना ने गांव वालों को नहर बनाने और गड्ढे खोदकर बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए प्रेरित किया और ख़ुद भी इसमें योगदान दिया। अन्ना के कहने पर गांव में जगह-जगह पेड़ लगाए गए। गांव में सौर ऊर्जा और गोबर गैस के जरिए बिजली की सप्लाई की गई।[3] उन्होंने अपनी ज़मीन बच्चों के हॉस्टल के लिए दान कर दी और अपनी पेंशन का सारा पैसा गांव के विकास के लिए समर्पित कर दिया। वे गांव के मंदिर में रहते हैं और हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के लिए बनने वाला खाना ही खाते हैं। आज गांव का हर शख्स आत्मनिर्भर है। आस-पड़ोस के गांवों के लिए भी यहां से चारा, दूध आदि जाता है। यह गांव आज शांति ,सौहर्द एवं भाईचारे की मिसाल है।
१९९१ में अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा की सरकार के कुछ 'भ्रष्ट' मंत्रियों को हटाए जाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की। ये मंत्री थे- शशिकांत सुतर, महादेव शिवांकर और बबन घोलाप। अन्ना ने उन पर आय से ज़्यादा संपत्ति रखने का आरोप लगाया था। सरकार ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उसे हारकर दो मंत्रियों सुतर और शिवांकर को हटाना ही पड़ा।[4] घोलाप ने अन्ना के खिलाफ़ मानहानि का मुकदमा कर दिया। अन्ना अपने आरोप के समर्थन में न्यायालय में कोई सबूत पेश नहीं कर पाए और उन्हें तीन महीने की जेल हो गई। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी ने उन्हें एक दिन की हिरासत के बाद छोड़ दिया। एक जाँच आयोग ने शशिकांत सुतर और महादेव शिवांकर को निर्दोष बताया। लेकिन अन्ना हज़ारे ने कई शिवसेना और भाजपा नेताओं पर भी भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए
1997 में अन्ना हज़ारे ने सूचना के अधिकार क़ानून के समर्थन में मुंबई के आजाद मैदान से अपना अभियान शुरु किया। 9 अगस्त, 2003 को मुंबई के आजाद मैदान में ही अन्ना हजारे आमरण अनशन पर बैठ गए। 12 दिन तक चले आमरण अनशन के दौरान अन्ना हजारे और सूचना के अधिकार आंदोलन को देशव्यापी समर्थन मिला। आख़िरकार 2003 में ही महाराष्ट्र सरकार को इस क़ानून के एक मज़बूत और कड़े मसौदे को पास करना पड़ा। बाद में इसी आंदोलन ने राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लिया। इसके परिणामस्वरूप 12 अक्टूबर 2005 को भारतीय संसद ने भी सूचना का अधिकार अधिनियम पारित किया। [5] अगस्त, 2006 में सूचना के अधिकार में संशोधन प्रस्ताव के खिलाफ अन्ना ने 11 दिन तक आमरण अनशन किया, जिसे देशभर में समर्थन मिला। इसके परिणामस्वरूप , सरकार ने संशोधन का इरादा बदल दिया
Thursday, 25 August 2011
लोकायुक्त के समक्ष पेश हुए अभिनव कुमार
नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत की पत्नी श्रीमती दीप्ति रावत की सहसपुर में भूमि विवाद संबंधी शिकायत के मामले में दून के तत्कालीन एसएसपी अभिनव कुमार गुरुवार को लोकायुक्त के समक्ष पेश हुए। इस मामले में आज सुनवाई पूरी होने के बाद लोकायुक्त ने फैसला सुरक्षित रखा है।
श्रीमती दीप्ती रावत ने उक्त भूमि विवाद पर तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान में मुख्यमंत्री के अपर सचिव अभिनव कुमार की भूमिका पर आपत्ति जताई थी। इससे पहले बीती चार अगस्त को सुनवाई के दौरान लोकायुक्त जस्टिस एमएम घिल्डियाल ने पुलिस और प्रशासन के स्तर पर की कार्यवाही के तर्क को नाकाफी माना। शिकायतकर्ता की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने तत्कालीन एसएसपी की रिपोर्ट को अवैधानिक करार दिया। उन्होंने शंकरपुर स्थित जमीन की पहली मालकिन से जुड़े साक्ष्य लोकायुक्त के समक्ष रखने को कहा। गौरतलब है कि सहसपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में श्रीमती रावत के नाम तकरीबन 100 बीघा जमीन पर स्थानीय निवासी मोहम्मद हसन ने अपना दावा करते हुए जमीन पर कब्जा जमाने का आरोप लगाया था। इस मामले में तत्कालीन पुलिस-प्रशासन के स्तर पर की गई कार्यवाही को अवैधानिक करार देते हुए श्रीमती रावत ने लोकायुक्त में दस्तक दी थी।
श्रीमती दीप्ती रावत ने उक्त भूमि विवाद पर तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान में मुख्यमंत्री के अपर सचिव अभिनव कुमार की भूमिका पर आपत्ति जताई थी। इससे पहले बीती चार अगस्त को सुनवाई के दौरान लोकायुक्त जस्टिस एमएम घिल्डियाल ने पुलिस और प्रशासन के स्तर पर की कार्यवाही के तर्क को नाकाफी माना। शिकायतकर्ता की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने तत्कालीन एसएसपी की रिपोर्ट को अवैधानिक करार दिया। उन्होंने शंकरपुर स्थित जमीन की पहली मालकिन से जुड़े साक्ष्य लोकायुक्त के समक्ष रखने को कहा। गौरतलब है कि सहसपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में श्रीमती रावत के नाम तकरीबन 100 बीघा जमीन पर स्थानीय निवासी मोहम्मद हसन ने अपना दावा करते हुए जमीन पर कब्जा जमाने का आरोप लगाया था। इस मामले में तत्कालीन पुलिस-प्रशासन के स्तर पर की गई कार्यवाही को अवैधानिक करार देते हुए श्रीमती रावत ने लोकायुक्त में दस्तक दी थी।
विलासराव देशमुख के माध्यम से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास संदेश
नई दिल्ली। गांधीवादी अन्ना हजारे ने केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख के माध्यम से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास संदेश भेजा है कि कल ही संसद में जनलोकपाल विधेयक के उन तीन मुद्दों पर चर्चा कराई जाए जिन पर गतिरोध बना हुआ है। हजारे ने कहा कि हमारे तीन मुद्दों पर यदि आम सहमति बनती है तो मैं अनशन तोड़ने पर विचार कर सकता हूं।
हजारे ने गुरुवार को अपने अनशन के दसवें दिन रामलीला मैदान में मौजूद समर्थकों से कहा कि मैंने विलासराव देशमुख के जरिए प्रधानमंत्री को संदेश भेजा है कि अगर आपको मेरी सेहत की फिक्र है तो आप कल ही संसद में जनलोकपाल के तीन मुख्य मुद्दों पर चर्चा कराएं। अपने अनशन के 220 घंटे पूरे होने के बाद भी बुलंद आवाज में अन्ना ने कहा कि अगर जनलोकपाल के तीन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में सहमति बन जाती है तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे, लेकिन शेष मुद्दों पर धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार कल संसद में चर्चा पर नहीं मानी तो वह अनशन जारी रखेंगे और मरते दम करते रहेंगे। हजारे ने कहा कि वह जनलोकपाल के तीन मुद्दों पर यानी सरकारी दफ्तरों में सिटीजन चार्टर होने, राज्यों में लोकायुक्त के गठन और नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी नौकरशाहों को लोकपाल के दायरे में लाने पर संसद में चर्चा चाहते हैं। अन्ना ने कहा कि सरकार तीनों मुद्दों पर अपना मसौदा दे और शेष मुद्दों पर भी लिखित आश्वासन दे।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा हजारे के आंदोलन पर दिए वक्तव्यों की सराहना की। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री तथा विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा। हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्हें मेरी सेहत की चिंता है, लेकिन इस चिंता में दस दिन क्यों लगे। हजारे ने कहा कि विपक्षी दल मौन क्यों हैं। उन्हें अपना मौन तोड़ देना चाहिए और सत्ता पक्ष पर विधेयक के लिए दबाव बनाना चाहिए। अन्ना ने अपने समर्थकों से कहा कि अगर सरकार नहीं माने और उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाए तो लोग बड़ी संख्या में सांसदों का घेराव करें। उन्होंने कहा कि वह दो बार सरकार से धोखा खा चुके हैं और तीसरी बार धोखा नहीं खाना चाहते। हजारे ने दिल्ली पुलिस से मांग की कि वह रामलीला मैदान पर अनशन के लिए मिली दो सितंबर तक की अनुमति की अवधि को हमारे मुद्दों के हल होने तक बढ़ा दे। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने मेरी जांच की है। चिंता करने की कोई बात नहीं। मेरा वजन साढ़े छह किलो कम हुआ है। भगवान की दया से और आपसे मुझे जो ऊर्जा मिल रही है, उसी का परिणाम है कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
हजारे ने गुरुवार को अपने अनशन के दसवें दिन रामलीला मैदान में मौजूद समर्थकों से कहा कि मैंने विलासराव देशमुख के जरिए प्रधानमंत्री को संदेश भेजा है कि अगर आपको मेरी सेहत की फिक्र है तो आप कल ही संसद में जनलोकपाल के तीन मुख्य मुद्दों पर चर्चा कराएं। अपने अनशन के 220 घंटे पूरे होने के बाद भी बुलंद आवाज में अन्ना ने कहा कि अगर जनलोकपाल के तीन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में सहमति बन जाती है तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे, लेकिन शेष मुद्दों पर धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार कल संसद में चर्चा पर नहीं मानी तो वह अनशन जारी रखेंगे और मरते दम करते रहेंगे। हजारे ने कहा कि वह जनलोकपाल के तीन मुद्दों पर यानी सरकारी दफ्तरों में सिटीजन चार्टर होने, राज्यों में लोकायुक्त के गठन और नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी नौकरशाहों को लोकपाल के दायरे में लाने पर संसद में चर्चा चाहते हैं। अन्ना ने कहा कि सरकार तीनों मुद्दों पर अपना मसौदा दे और शेष मुद्दों पर भी लिखित आश्वासन दे।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा हजारे के आंदोलन पर दिए वक्तव्यों की सराहना की। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री तथा विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा। हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्हें मेरी सेहत की चिंता है, लेकिन इस चिंता में दस दिन क्यों लगे। हजारे ने कहा कि विपक्षी दल मौन क्यों हैं। उन्हें अपना मौन तोड़ देना चाहिए और सत्ता पक्ष पर विधेयक के लिए दबाव बनाना चाहिए। अन्ना ने अपने समर्थकों से कहा कि अगर सरकार नहीं माने और उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाए तो लोग बड़ी संख्या में सांसदों का घेराव करें। उन्होंने कहा कि वह दो बार सरकार से धोखा खा चुके हैं और तीसरी बार धोखा नहीं खाना चाहते। हजारे ने दिल्ली पुलिस से मांग की कि वह रामलीला मैदान पर अनशन के लिए मिली दो सितंबर तक की अनुमति की अवधि को हमारे मुद्दों के हल होने तक बढ़ा दे। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने मेरी जांच की है। चिंता करने की कोई बात नहीं। मेरा वजन साढ़े छह किलो कम हुआ है। भगवान की दया से और आपसे मुझे जो ऊर्जा मिल रही है, उसी का परिणाम है कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
Saturday, 20 August 2011
क्या अंतर है लोकपाल और जनलोकपाल विधेयक में
मुख्य अंतर -
| सरकारी लोकपाल विधेयक | जनलोकपाल विधेयक |
| सरकारी लोकपाल के पास भ्रष्टाचार के मामलों पर खुद या आम लोगों की शिकायत पर सीधे कार्रवाई शुरू करने का अधिकार नहीं होगा। | प्रस्तावित जनलोकपाल बिल के तहत लोकपाल खुद किसी भी मामले की जाँच शुरू करने का अधिकार रखता है। |
| सरकारी विधेयक में लोकपाल केवल परामर्शदात्री संस्था बन कर रह जाएगी। | जनलोकपाल सशक्त संस्था होगी। |
| सरकारी विधेयक में लोकपाल के पास पुलिस शक्ति नहीं होगी। | जनलोकपाल न केवल प्राथमिकी दर्ज करा पाएगा बल्कि उसके पास पुलिस फोर्स भी होगी। |
| सरकारी विधेयक में लोकपाल का अधिकार क्षेत्र सांसद, मंत्री और प्रधानमंत्री तक सीमित रहेगा। | जनलोकपाल के दायरे में प्रधानमत्री समेत नेता, अधिकारी, न्यायाधीश सभी आएँगे। |
| लोकपाल में तीन सदस्य होंगे जो सभी सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे। | जनलोकपाल में 10 सदस्य होंगे और इसका एक अध्यक्ष होगा। चार की कानूनी पृष्टभूमि होगी। बाक़ी का चयन किसी भी क्षेत्र से होगा। |
| सरकार द्वारा प्रस्तावित लोकपाल को नियुक्त करने वाली समिति में उपराष्ट्रपति। प्रधानमंत्री, दोनो सदनों के नेता, दोनों सदनों के विपक्ष के नेता, कानून और गृहमंत्री होंगे। | प्रस्तावित जनलोकपाल बिल में न्यायिक क्षेत्र के लोग, मुख्य चुनाव आयुक्त, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, भारतीय मूल के नोबेल और मैगासेसे पुरस्कार के विजेता चयन करेंगे। |
| सरकारी लोकपाल विधेयक में दोषी को छह से सात महीने की सजा हो सकती है और घोटाले के धन को वापिस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। | जनलोकपाल बिल में कम से कम पाँच साल और अधिकतम उम्र कैद की सजा हो सकती है। साथ ही दोषियों से घोटाले के धन की भरपाई का भी प्रावधान है। |
Friday, 19 August 2011
अन्ना के साथ अनशन पर बैठेंगे पण्ड्या
हरिद्वार, अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डा. प्रणव पण्ड्या शनिवार को चौबीस घंटे के लिए अन्ना हजारे के साथ अनशन पर बैठेंगे। देश के विभिन्न राज्यों से एक हजार गायत्री परिजन भी डा. पण्ड्या के साथ अनशन करेंगे। डा. पण्ड्या शांतिकुंज के तीस कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार की सुबह दिल्ली कूच करेंगे।
Wednesday, 17 August 2011
दुर्लभ कछुओं के साथ युवक गिरफ्तार
हरिद्वार,,,,,,बरेली से अवैध रूप से लाए जा रहे शेड्यूल वन के 170 कछ़ुवों के साथ एक युवक को ज्वालापुर रेलवे स्टेशन से वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया। शहर के एक व्यापारी से भी टीम ने प्रतिबंधित श्रेणी के 7 कछुए बरामद किए हैं।
बुधवार तड़के ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर मुख्य वन सरंक्षक जयराज की अगुवाई में वन विभाग की टीम तैनात थी। टीम को सूचना मिली थी कि बरेली से एक युवक कछुए लेकर हरिद्वार बेचने आ रहा है। पैसेंजर ट्रेन से एक युवक कुछ बैग साथ में लेकर उतरा। टीम ने युवक से कछुवे खरीदने की बात कही और उसे कछुओं के बदले मोटी रकम देने की बात कही। युवक उनकी बातों में आ गया और उसने उन्हें कछुए देने के लिए स्टेशन के पास बुलाया। जहां टीम ने युवक को 170 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ दबोच लिया। टीम ने जब युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सुनील कुमार पुत्र फकीरे लाल निवासी नजरपुर जिला शाहजहांपुर बताया। पूछताछ में सुनील ने बताया कि वह पीलीभीत उत्तर प्रदेश से कछुओं को खरीदकर लाया है। हरिद्वार के एक कारोबारी को वह कछुए बेचने के लिए लाया था। सुनील ने बताया कि शहर का एक कारोबारी उससे कछुए खरीदता है। उसके बाद टीम ने ज्वालापुर के गुलाटी आप्टिकल्स के संचालक रजनीश गुलाटी के यहां दबिश दी तो वहां से सात प्रतिबंधित श्रेणी के कछुए बरामद किए गए।
बुधवार तड़के ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर मुख्य वन सरंक्षक जयराज की अगुवाई में वन विभाग की टीम तैनात थी। टीम को सूचना मिली थी कि बरेली से एक युवक कछुए लेकर हरिद्वार बेचने आ रहा है। पैसेंजर ट्रेन से एक युवक कुछ बैग साथ में लेकर उतरा। टीम ने युवक से कछुवे खरीदने की बात कही और उसे कछुओं के बदले मोटी रकम देने की बात कही। युवक उनकी बातों में आ गया और उसने उन्हें कछुए देने के लिए स्टेशन के पास बुलाया। जहां टीम ने युवक को 170 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ दबोच लिया। टीम ने जब युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सुनील कुमार पुत्र फकीरे लाल निवासी नजरपुर जिला शाहजहांपुर बताया। पूछताछ में सुनील ने बताया कि वह पीलीभीत उत्तर प्रदेश से कछुओं को खरीदकर लाया है। हरिद्वार के एक कारोबारी को वह कछुए बेचने के लिए लाया था। सुनील ने बताया कि शहर का एक कारोबारी उससे कछुए खरीदता है। उसके बाद टीम ने ज्वालापुर के गुलाटी आप्टिकल्स के संचालक रजनीश गुलाटी के यहां दबिश दी तो वहां से सात प्रतिबंधित श्रेणी के कछुए बरामद किए गए।
सीएमओ ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा
लक्सर,,,,,,महामारी फैलने की आशंका के मद्देनजर सीएमओ के नेतृत्व में आइडीएसपी की टीम ने लक्सर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ चौकियां स्थापित करने के साथ ही वहां जरूरी दवाईयां उपलब्ध कराई गई। जिला मलेरिया अधिकारी को संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग व कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव को निर्देशित किया। बाढ़ग्रस्त लक्सर और खानपुर क्षेत्र में महामारी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। बुधवार को सीएमओ डॉ. योगेश शर्मा और एपिडमियोलाजिस्ट डॉ. नवनीत किशोर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ग्रस्त रायसी, भिक्कमपुर, माडाबेला, गोवर्धनपुर, जीतपुर, गंगदासपुर, नंदपुरी, पंडितपुरी, महाराजपुर, बाकरपुर आदि गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। हालात गंभीर देख रायसी, गोवर्धनपुर, भिक्कमपुर और माडाबेला में बाढ़ राहत चौकियां खुलवाई गई। जहां मेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ ही जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई गई। मलेरिया की आशंका को देखते हुए जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) डॉ. गुरनाम सिंह को लक्सर और खानपुर के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग और कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव कराने को निर्देशित किया गया।
सेना की टुकड़ी सुबह पहुंचेगी लक्सर
लक्सर : जिला प्रशासन ने लक्सर क्षेत्र में बचाव और राहत कार्य के लिए सेना से सहायता मांगी है। बंगाल इंजीनियर ग्रुप की एक टुकड़ी सुबह तक लक्सर में पहुंच जाएगी। टीम में चार नौका और अनुभवी तैराक दल के सदस्य होंगे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कैलाश पांडे ने बताया कि टीम पहले प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। इसके बाद गांव खाली कराना है या नहीं इसका निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर मौसम विभाग ने गुरुवार को बारिश का अंदेशा जताया है। इससे जिला प्रशासन के माथे पर बल पड़ गया है। उन्होंने बताया कि करीब 5-15 सेमी तक वर्षा होने का अनुमान है।
हालात से निपटने को सरकार तैयार
देहरादून,सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का दावा है इस काम में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार का मानना है कि अभी हालात ऐसे नहीं हैं कि सेना बुलाई जाए। अलबत्ता एनडीआरएफ के लिए जरूर केंद्र से आग्रह किया गया है।आपदा प्रबंधन मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुताबिक स्थिति पर निगरानी रखी जा रहा है। संबंधित अफसरों को राहत व बचाव कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। चारधाम यात्रा में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा अनुमन्य आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था करने के निर्देश डीएम को दिए गए हैं।
Tuesday, 16 August 2011
चट्टान से गिरकर ग्रामीण की मौत
मदकोट के समीप चट्टान से फिसलकर गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गयी। श्रमिक का शव तीसरे दिन निकाला जा सका है। रविवार की शाम मदकोट में रहने वाला नरेन्द्र कुमार(35) बाजार से खाना खाकर घर को लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में पैर फिसलने से वह खाई में गिर पड़ा। रातभर नरेन्द्र के न लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन की। तीन दिन लगातार ढूंढखोज के बाद मंगलवार को नरेन्द्र का शव खाई से बरामद कर लिया है।
आधी सड़कें बंद
नैनीताल:,,,,पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सारी सड़कें जगह-जगह भूस्खलन व मलबा आने से मंगलवार देर सायं तक यातायात के लिए पूरी तरह बंद रही और सैंकड़ों यात्री जहां-तहां फंसे रहे। इसके साथ ही शहर की विद्युत, पेयजल व संचार सुविधाएं बुरी तरह लड़खड़ा गई है। लगातार बारिश से सड़कों को खोलने में दिक्कत पैदा हो रही है। उधर पानी के तेज बहाव के चलते नैनीताल में चिड़ियाघर मार्ग रोखड़ में तब्दील हो गया। बारिश का सर्वाधिक असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है और यात्री जहां-तहां फंसे रहे। लगातार मूसलाधार बारिश से भवाली-नैनीताल मार्ग पाइंस के समीप भूस्खलन से कई घंटो तक बंद रहा। जबकि हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग नैना गांव, गुलाबघाटी, दोगांव तथा मटियाली में भूस्खलन के चलते मंगलवार सायं 5 बजे तक यातायात के लिए बंद रहा। मलबा हटाने के बाद हल्द्वानी मार्ग पर देर सायं पांच बजे से यातायात बहाल हो सका। इधर कड़ी मशक्कत के बाद कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर अपराह्न तीन बजे बाद अस्थायी रूप से खोल दिया गया। इस मार्ग में घटगढ़, नारायणनगर, बजून आदि स्थानों पर लगातार भूस्खलन से खतरा बना हुआ है।
सीएम ने किया चारधाम यात्रियों से यात्रा एक सप्ताह टालने का अनुरोध
देहरादून,,,,प्रदेश में हो रही भारी वर्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. निशंक ने चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा एक सप्ताह के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया है। सीएम ने अफसरों को पूरा एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए हैं। विभागीय मंत्री व मुख्य सचिव रोजाना आपदा की समीक्षा करेंगे।
सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में सीएम डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आपदा की आशंका को देखते हुए सभी जनपदों में रेड अलर्ट की घोषणा कर दी गई है। प्रशासन व पुलिस के अफसरों को तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री व मुख्य सचिव प्रतिदिन आपदा के हालात की समीक्षा करेंगे। चारधाम यात्रा मार्ग में फंसे यात्रियों के सुरक्षित निकासी के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए है। राहत कार्यो में ग्रामीण स्तर पर बनी आपदा प्रबंधन समितियों की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गंगा नदी व टिहरी बांध के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई।
सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में सीएम डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आपदा की आशंका को देखते हुए सभी जनपदों में रेड अलर्ट की घोषणा कर दी गई है। प्रशासन व पुलिस के अफसरों को तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री व मुख्य सचिव प्रतिदिन आपदा के हालात की समीक्षा करेंगे। चारधाम यात्रा मार्ग में फंसे यात्रियों के सुरक्षित निकासी के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए है। राहत कार्यो में ग्रामीण स्तर पर बनी आपदा प्रबंधन समितियों की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गंगा नदी व टिहरी बांध के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई।
बारिश से सब्जी की फसल हुई तबाह
कलियर : दो दिनों की बरसात से सब्जी उत्पादकों को तगड़ा झटका लगा है। खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो गई हैं। इनमें खीरा, करेला, बैगन, टमाटर, हरी मिर्च, भिंडी आदि की सब्जी पानी में डूबकर नष्ट हो गई है।
बाजार में महंगाई की मार झेल रही सब्जियों पर अब बरसात की मार जारी रहेगी। कारण दो दिन झमाझम हुई बरसात में सब्जियों की फसल पानी भरने के कारण नष्ट हो गई है। इससे लोगों को स्थानीय सब्जी मयस्सर नहीं हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर सब्जी उत्पादकों को भी फसल नष्ट हो जाने से भारी नुकसान हुआ है। यहीं नहीं बरसात के साथ हवा चलने से ज्वार, बाजरा एवं गन्ने की फसल भी जमीन में लेट गई
बाजार में महंगाई की मार झेल रही सब्जियों पर अब बरसात की मार जारी रहेगी। कारण दो दिन झमाझम हुई बरसात में सब्जियों की फसल पानी भरने के कारण नष्ट हो गई है। इससे लोगों को स्थानीय सब्जी मयस्सर नहीं हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर सब्जी उत्पादकों को भी फसल नष्ट हो जाने से भारी नुकसान हुआ है। यहीं नहीं बरसात के साथ हवा चलने से ज्वार, बाजरा एवं गन्ने की फसल भी जमीन में लेट गई
भारी तबाही राज्य के कई जिलो में पानी भरने से बाढ़
बारिश से पुरे उत्तराखंड में भारी तबाही राज्य के कई जिलो में पानी भरने से बाढ़ आयी,,,,हरिद्वार,,,लक्सर,,,रूडकी,,रामनगर,,,लालकुआं,,,रूद्रपुर,,बाढ़
पानी की आफत
अगस्त का महिना लोगो के लिए आसमानी आफत लेकर साथ आया जिसमे पिछले छतीस घंटो से लगातार मुसलाधार बारिश ने लोगो का जीना मुहाल कर दिया !लगातार बारिश होने के के कारण रूडकी ,मंगलौर ,भगवानपुर ,थिथोला,जोरासी ,बारापुर, बेल्डा,कलियर ,झबरेडा .इकबालपुर ,आदि इलाको के सेकड़ो गाव जलमग्न हो गए .भारी बारिश की तबाही के कारण अब तक दस दर्जन मकान गिरने की सूचना है जिसमे लोगो के माल का भारी नुक्सान मकान के मलबे में दब जाने के कारण हुआ !यातायात भी इस दोरान काफी बादित रहा .हालत यह थी की राष्ट्रीय राजमार्ग भी दूर दूर तक नहीं दिखाई दे रहा था !बस चारो और सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा था !मानको को ताक पर बनायी गयी नदियों के भीतर हाई वे पर स्तित अरुण देव सिटी और अर्जुन सिटी भारी बारिश के कारण बड़ा तालाब ही बन गयी ,किसानो की फसले पूरी तरह बर्बाद हो गयी है !पर्शासन के दिशा निर्देश पर भारी बारिश के कारण हुई तबाही का आंकलन सूचना के मिलने के बाद हलके के पटवारी और लेखपाल मोके पर जाकर कर रहे है ! वही कुछ जगह परशासनिक अधिकारियों के न पोहुंच पाने के कारण लोगो में काफी आक्रोश है !
Friday, 12 August 2011
ट्रेन से कटकर युवक की मौत
हरिद्वार: ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार थाना कनखल क्षेत्र के गांव जमालपुर फाटक के पास में एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर कट गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की आसपास के लोगों से पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि उसकी जेब से भी कोई पहचान की चीज नहीं मिल सकी है।
जानकारी के अनुसार थाना कनखल क्षेत्र के गांव जमालपुर फाटक के पास में एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर कट गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की आसपास के लोगों से पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि उसकी जेब से भी कोई पहचान की चीज नहीं मिल सकी है।
महिला समेत तीन मजदूर की मलबे में दबकर मौत
छाम: टिहरी जनपद के थौलधार विकासखंड के अंतर्गत नगुण-भवान मोटर मार्ग पर हुए भूस्खलन से तीन मजदूर मलबे में दफन हो गए। मृतकों एक महिला भी शामिल है।
उत्तरकाशी को देहरादून से जोड़ने वाले नगुण-भवान मोटर मार्ग का निर्माण गाजियाबाद की आरजीबी कंस्ट्रक्शन कम्पनी कर रही है। शुक्रवार की पूर्वाह्न करीब 11 बजे बयाड़गांव के पास जलेबी बैंड में मजदूर नाले का गड्ढा खोद रहे थे। अचानक ऊपर पहाड़ी से भारी मलबा आ गिरा। मलबे में 35 वर्षीय टेकचंद, 40 वर्षीय गणेश व 21 वर्षीय गीता पत्नी वीरवन (सभी निवासी जिला बांके नेपालगंज नेपाल) दब गए। निर्माणदायी कम्पनी की जेसीबी मशीन व साथी मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर दो बजे मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
उत्तरकाशी को देहरादून से जोड़ने वाले नगुण-भवान मोटर मार्ग का निर्माण गाजियाबाद की आरजीबी कंस्ट्रक्शन कम्पनी कर रही है। शुक्रवार की पूर्वाह्न करीब 11 बजे बयाड़गांव के पास जलेबी बैंड में मजदूर नाले का गड्ढा खोद रहे थे। अचानक ऊपर पहाड़ी से भारी मलबा आ गिरा। मलबे में 35 वर्षीय टेकचंद, 40 वर्षीय गणेश व 21 वर्षीय गीता पत्नी वीरवन (सभी निवासी जिला बांके नेपालगंज नेपाल) दब गए। निर्माणदायी कम्पनी की जेसीबी मशीन व साथी मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर दो बजे मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
मोलधार गांव में बादल फटा एक ही परिवार के पांच मरे
नैनबाग/टिहरी, टिहरी जनपद के जौनपुर प्रखंड की पट्टी पालीगाड के मोलधार गांव में शुक्रवार तड़के बादल फटने से एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में परिवार के मुखिया के साथ ही दो बेटियां और पुत्रवधू और समधी हैं। मुखिया की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। भूस्खलन से आए मलबे में यहां 21 मवेशी भी दफन हो गए। उधर, नैनबाग से 25 किलीमोटर दूर स्थित ग्राम सिंदौल में भूस्खलन से एक गौशाला ध्वस्त होने से छह मवेशी मर गए। ग्राम जियाकोटी में एक मकान ध्वस्त हो गया।
मोलधार गांव से करीब पांच किमी की दूरी पर स्थित डांडा में ग्रामीणों ने पशुओं को रखने के लिए छानी (गौशाला)बनाई हुई है। इसी में रहकर वे लोग पशुओं की देखभाल करते हैं। शुक्रवार तड़के दो बजे इस इलाके में बादल फटने से भूस्खलन हो गया। मलबे से गबरूलाल की छानी जमींदोज हो गई। चीख पुकार सुनकर एक दूसरी छानी में सो रहे मदनलाल वहां पहुंचे।मध्यरात्रि की इस घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब दस बजे तहसीलदार मनवीर सिंह कंडारी आपदा प्रबंधन की टीम सहित मौके पर पहुंचे। प्रशासन की टीम और ग्रामीणों ने मलबे में दबे ग्रामीणों को बाहर निकाला।
हादसे में गबरूलाल की पत्नी शांति देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थत्यूड़ में भर्ती कराया गया। शाम को उसे यहां से मसूरी के लिए रैफर कर दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। गबरू के परिवार के अन्य सदस्य गांव में रह रहे थे।
शिक्षा मंत्री खजानदास ने मोलधार गांव में और आपदा प्रबंधन व जिले के प्रभारी मंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने थत्यूड़ पहुंचकर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। जिलाधिकारी राधिका झा ने पीड़ित परिवार को दीनदयाल उपाध्याय आवास सुविधा देने के साथ ही राहत राशि के एक-एक लाख रुपये के चेक दिए।
मोलधार गांव से करीब पांच किमी की दूरी पर स्थित डांडा में ग्रामीणों ने पशुओं को रखने के लिए छानी (गौशाला)बनाई हुई है। इसी में रहकर वे लोग पशुओं की देखभाल करते हैं। शुक्रवार तड़के दो बजे इस इलाके में बादल फटने से भूस्खलन हो गया। मलबे से गबरूलाल की छानी जमींदोज हो गई। चीख पुकार सुनकर एक दूसरी छानी में सो रहे मदनलाल वहां पहुंचे।मध्यरात्रि की इस घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब दस बजे तहसीलदार मनवीर सिंह कंडारी आपदा प्रबंधन की टीम सहित मौके पर पहुंचे। प्रशासन की टीम और ग्रामीणों ने मलबे में दबे ग्रामीणों को बाहर निकाला।
हादसे में गबरूलाल की पत्नी शांति देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थत्यूड़ में भर्ती कराया गया। शाम को उसे यहां से मसूरी के लिए रैफर कर दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। गबरू के परिवार के अन्य सदस्य गांव में रह रहे थे।
शिक्षा मंत्री खजानदास ने मोलधार गांव में और आपदा प्रबंधन व जिले के प्रभारी मंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने थत्यूड़ पहुंचकर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। जिलाधिकारी राधिका झा ने पीड़ित परिवार को दीनदयाल उपाध्याय आवास सुविधा देने के साथ ही राहत राशि के एक-एक लाख रुपये के चेक दिए।
मौसम खराब होने से थत्यूड़ नहीं पहुंच पाए सीएम
नई टिहरी: टिहरी जिले के जौनपुर प्रखंड के पट्टी पालीगाड के ग्राम पंचायत मोलधार में शुक्रवार तड़के सुबह बादल फटने की घटना में पांच की मौत व एक घायल होने की सूचना पर सूबे के मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक का थत्यूड़ आगमन का कार्यक्रम खराब मौसम के चलते स्थगित हो गया।
शुक्रवार को जैसे ही सुबह मोलधार में बादल फटने की खबर राजधानी में पहुंची, उसके तुरंत बाद सीएम कार्यालय से उनके थत्यूड़ आगमन का कार्यक्रम जारी हो गया। जिला प्रशासन ने राइंका थत्यूड़ में हैलीपेड भी बनवा दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक मौसम खराब होने के चलते हैलीकाप्टर राजधानी देहरादून से उड़ान नहीं भर पाया। शिक्षा मंत्री व आपदा व प्रभारी मंत्री त्रिवेन्द्र रावत को उन्होंने दूरभाष से मृतक परिजनों को सांत्वना दी।
शुक्रवार को जैसे ही सुबह मोलधार में बादल फटने की खबर राजधानी में पहुंची, उसके तुरंत बाद सीएम कार्यालय से उनके थत्यूड़ आगमन का कार्यक्रम जारी हो गया। जिला प्रशासन ने राइंका थत्यूड़ में हैलीपेड भी बनवा दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक मौसम खराब होने के चलते हैलीकाप्टर राजधानी देहरादून से उड़ान नहीं भर पाया। शिक्षा मंत्री व आपदा व प्रभारी मंत्री त्रिवेन्द्र रावत को उन्होंने दूरभाष से मृतक परिजनों को सांत्वना दी।
Wednesday, 10 August 2011
बिजली लाइनों की मरम्मत शुरू
विकासनगर, झूलते बिजली के तारों के कारण सात मौतें होने के बाद आखिर कार ऊर्जा निगम की नींद टूटी है। निगम ने तारों की खिंचाई का काम शुरू कर दिया है। 113 नए पोल लगाए गए, पुराने क्रास आर्म बदले जा रहे हैं।
हरबर्टपुर में झूलती एचटी लाइनों के कारण छह युवकों व बरोटीवाला फीडर पर एक युवक की मौत होने के बाद ऊर्जा निगम नींद से जागा है। जिसके चलते निगम अधिकारियों ने 11 केवी जमनीपुर फीडर अंतर्गत कई पोल लगाए गए। तारों को टाइट किया गया। 11 केवी तिमली फीडर अंतर्गत तिमली गांव में लकड़ी के 22 पुराने क्रास आर्म बदले गए, धर्मावाला में तिमली ब्रांच पर एसपी 55 का एक पोल लगाकर एचटी लाइन टाइट की गई। इस फीडर अंतर्गत शाहपुर कल्याणपुर, कुंजाग्रांट, रामगढ़ में झूलती एलटी लाइनों को टाइट किया गया और कई पोल लगाए गए। पांवटा रोड गुरुद्वारे के पास झूलती एचटी लाइन पर पीसीसी पोल लगाकर तार टाइट किए गए। हरबर्टपुर टाउन अंतर्गत गोयल बाग में झूलती एचटी लाइन की खिंचाई की गई। इसके अलावा हरिपुर, देहरादून रोड, ढालीपुर ढकरानी में झूलती लाइनों को टाइट करने के साथ ही कई स्थानों पर पोल भी लगाए गए। 11 केवी लांघा रोड फीडर अंतर्गत कोटडा व छरबा रोड पर 11 केवी लाइन की क्रासिंग की गई। 11 केवी वर्ल्ड बैंक फीडर अंतर्गत सभावाला चौक से घमालो तक एसपी 33 के तीन पोल लगाए गए, खुशहालपुर से इस्लामनगर तक भी पोल लगाकर तारों को अच्छी तरह से खींचा गया। बालूवाला, छरबा, रुद्रपुर, देवथला, पसोली, नहाड़ में झूलती बिजली की तारें टाइट की गई और पोल भी बदले गए। 11 केवी सहसपुर फीडर अंतर्गत टीचर कॉलोनी, मस्जिद के पास, रेहड़ापुर, ईदगाह मोहल्ले, सहसपुर बाजार आदि में एचटी व एलटी लाइनों को टाइट करने का काम किया गया। 11 केवी तिलवाड़ी फीडर अंतर्गत नए पोल लगाने के साथ ही झूलते तारों को भी टाइट किया गया। 11 केवी बरोटीवाला फीडर अंतर्गत भी झूलते तार टाइट किए गए। कटापत्थर, टाउन और डाकपत्थर फीडरों के अंतर्गत भी झूलती लाइनें टाइट की गई और पोल लगाए गए।
हरबर्टपुर में झूलती एचटी लाइनों के कारण छह युवकों व बरोटीवाला फीडर पर एक युवक की मौत होने के बाद ऊर्जा निगम नींद से जागा है। जिसके चलते निगम अधिकारियों ने 11 केवी जमनीपुर फीडर अंतर्गत कई पोल लगाए गए। तारों को टाइट किया गया। 11 केवी तिमली फीडर अंतर्गत तिमली गांव में लकड़ी के 22 पुराने क्रास आर्म बदले गए, धर्मावाला में तिमली ब्रांच पर एसपी 55 का एक पोल लगाकर एचटी लाइन टाइट की गई। इस फीडर अंतर्गत शाहपुर कल्याणपुर, कुंजाग्रांट, रामगढ़ में झूलती एलटी लाइनों को टाइट किया गया और कई पोल लगाए गए। पांवटा रोड गुरुद्वारे के पास झूलती एचटी लाइन पर पीसीसी पोल लगाकर तार टाइट किए गए। हरबर्टपुर टाउन अंतर्गत गोयल बाग में झूलती एचटी लाइन की खिंचाई की गई। इसके अलावा हरिपुर, देहरादून रोड, ढालीपुर ढकरानी में झूलती लाइनों को टाइट करने के साथ ही कई स्थानों पर पोल भी लगाए गए। 11 केवी लांघा रोड फीडर अंतर्गत कोटडा व छरबा रोड पर 11 केवी लाइन की क्रासिंग की गई। 11 केवी वर्ल्ड बैंक फीडर अंतर्गत सभावाला चौक से घमालो तक एसपी 33 के तीन पोल लगाए गए, खुशहालपुर से इस्लामनगर तक भी पोल लगाकर तारों को अच्छी तरह से खींचा गया। बालूवाला, छरबा, रुद्रपुर, देवथला, पसोली, नहाड़ में झूलती बिजली की तारें टाइट की गई और पोल भी बदले गए। 11 केवी सहसपुर फीडर अंतर्गत टीचर कॉलोनी, मस्जिद के पास, रेहड़ापुर, ईदगाह मोहल्ले, सहसपुर बाजार आदि में एचटी व एलटी लाइनों को टाइट करने का काम किया गया। 11 केवी तिलवाड़ी फीडर अंतर्गत नए पोल लगाने के साथ ही झूलते तारों को भी टाइट किया गया। 11 केवी बरोटीवाला फीडर अंतर्गत भी झूलते तार टाइट किए गए। कटापत्थर, टाउन और डाकपत्थर फीडरों के अंतर्गत भी झूलती लाइनें टाइट की गई और पोल लगाए गए।
बाइक सवार युवकों ने ट्रक चालक को लूटा
विकासनगर, थाना सहसपुर अंतर्गत शिमला बाइपास पर हसनपुर गांव में बाइक सवार तीन युवकों ने खच्चर भरे ट्रक के चालक से हजारों की नगदी लूट ली और ट्रक में मौजूद लोगों से मारपीट की। पुलिस ने लूट का मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को दबोच लिया है।
Tuesday, 9 August 2011
सोलानी नदी में नहाते समय छात्र डूबा
रुड़की,: सोलानी नदी में नहाते समय खड्ड में गिरने से एक छात्र की मौत हो गई। जल पुलिस के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला। परिजनों के कहने पर पुलिस ने छात्र का पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को उन्हें सौंप दिया।
कोतवाली रुड़की अंतर्गत कांहापुर गांव निवासी 13 वर्षीय आजाद पुत्र युनुस दोपहर के समय स्कूल से घर लौटा। इसके तुरंत बाद ही वह खेलने के लिए सोलानी नदी पर चला गया। दो-तीन बच्चे भी उसके साथ थे। नदी पर जाकर आजाद पानी में नहाने लगा। नहाते समय वह नदी में बने एक गहरे खड्ड में गिर गया। छात्र ने बाहर निकलने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह बाहर नहीं निकल पाया और नदी में बने कुंड में डूब गया। वहां खेल रहे बच्चों ने उसे डूबते हुए देख लिया। उन्होंने मामले की जानकारी उसके परिजनों को दी। इस पर परिजन वहां पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों ने मिलकर छात्र की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। मामले की जानकारी पाकर कोतवाली रुड़की पुलिस व जल पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। जल पुलिस के जवानों ने छात्र को पानी में तलाश किया। काफी मशक्कत के बाद जल पुलिस के जवानों ने छात्र के शव को तलाश कर बाहर निकाला।
कोतवाली रुड़की अंतर्गत कांहापुर गांव निवासी 13 वर्षीय आजाद पुत्र युनुस दोपहर के समय स्कूल से घर लौटा। इसके तुरंत बाद ही वह खेलने के लिए सोलानी नदी पर चला गया। दो-तीन बच्चे भी उसके साथ थे। नदी पर जाकर आजाद पानी में नहाने लगा। नहाते समय वह नदी में बने एक गहरे खड्ड में गिर गया। छात्र ने बाहर निकलने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह बाहर नहीं निकल पाया और नदी में बने कुंड में डूब गया। वहां खेल रहे बच्चों ने उसे डूबते हुए देख लिया। उन्होंने मामले की जानकारी उसके परिजनों को दी। इस पर परिजन वहां पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों ने मिलकर छात्र की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। मामले की जानकारी पाकर कोतवाली रुड़की पुलिस व जल पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। जल पुलिस के जवानों ने छात्र को पानी में तलाश किया। काफी मशक्कत के बाद जल पुलिस के जवानों ने छात्र के शव को तलाश कर बाहर निकाला।
फैक्ट्री प्रबंधन व ग्रामीणों में समझौता
मंगलौर, आक्सीजन प्लांट में विस्फोट के मामले में मृतकों के परिजनों, ग्रामीणों तथा फैक्ट्री प्रबंधन के बीच समझौते के बाद ग्रामीण दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गये। फैक्ट्री प्रबंधन ने दोनों मृतकों के लिए तीन-तीन लाख तथा घायल के लिए दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। प्रशासन की ओर से भी उन्हें एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा फैक्ट्री की ओर से किए गए कर्मचारियों के बीमे की रकम भी उनके परिजनों को ही दी जानी तय हुई है।
सोमवार की देर शाम झबरेड़ा रोड स्थित कुमार आक्सीजन प्लांट में सिलेंडर फटने से विस्फोट हो गया था। इसमें श्रमिकों लोकेश कुमार पुत्र महिपाल निवासी लाठरदेवा हूण तथा सतीश पुत्र मेवा राम निवासी खुटैना हरदोई यूपी की मौत हो गई थी। इसके अलावा सोमबीर पुत्र सुकरम पाल निवासी लाठरदेवा हूण गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के काफी देर बाद भी प्रशासन की ओर से कोई मदद न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया। हादसे के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने एक मृतक सतीश का शव उठाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और दिल्ली हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने मुआवजा तय होने तक शव नहीं उठाने दिए। ग्रामीण पूरी रात फैक्ट्री पर बैठे रहे।
सोमवार की देर शाम झबरेड़ा रोड स्थित कुमार आक्सीजन प्लांट में सिलेंडर फटने से विस्फोट हो गया था। इसमें श्रमिकों लोकेश कुमार पुत्र महिपाल निवासी लाठरदेवा हूण तथा सतीश पुत्र मेवा राम निवासी खुटैना हरदोई यूपी की मौत हो गई थी। इसके अलावा सोमबीर पुत्र सुकरम पाल निवासी लाठरदेवा हूण गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के काफी देर बाद भी प्रशासन की ओर से कोई मदद न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया। हादसे के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने एक मृतक सतीश का शव उठाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और दिल्ली हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने मुआवजा तय होने तक शव नहीं उठाने दिए। ग्रामीण पूरी रात फैक्ट्री पर बैठे रहे।
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हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत
हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत हो गई है। अगर आप हरिद्वार महाकुंभ Haridwar Kumbh में आने चाहते हैं तो आपको कोविड (Covid-19)...


