देहरादून, पांच वर्ष पूर्व नवंबर 2006 में हुई एशियन मेयर कांफ्रेस में वित्तीय गड़बडि़यों का आरोप लगा है। ऑल इंडिया मेयर काउंसिल के चेयरमैन आशुतोष वाष्णेय ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि कॉउंसिल के ऑडिट में गड़बडि़यां पकड़ी गई हैं। एशियन कांफ्रेंस के दौरान खर्च हुए एक करोड़ 26 लाख का हिसाब नहीं है। अभी पूर्व चेयरपर्सन को नोटिस भेजा गया है। नोटिस का संतोषजनक जबाव न मिलने की सूरत में एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। सोमवार को ऑल इंडिया मेयर कॉउंसिल कार्यकारिणी की बैठक में शिरकत करने दून आए कॉउंसिल के चेयरमैन आशुतोष वाष्णेय ने कहा कि ऑडिट के दौरान एशियन मेयर कांफ्रेंस में एक करोड़ 26 लाख रुपये के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस मामले में काउंसिल की पूर्व चेयरपर्सन को नोटिस जारी हो चुका है। इसका समय समाप्त हो गया है। यदि नोटिस का सही जवाब नहीं आया तो एफआइआर दर्ज की जाएगी। ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स के पीआरओ मनोज गुप्ता ने बताया कि एशियन कांफ्रेंस के दौरान पूर्व चेयरपर्सन मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने स्वयं ही देहरादून में खाता खुलवाया और इसमें सरकार से मिले एक करोड़ रुपये जमा कराए। इसके बाद इस खाते से ही लेनदेन शुरू किया गया। जबकि कॉउंसिल के अन्य खाते दिल्ली में खुले हैं। इतना ही नहीं पूर्व चेयरपर्सन ने बैलेंस शीट में कैश इन हैंड दो लाख चालीस हजार 555 रुपये होना दर्शाया गया। कॉउंसिल के नियमानुसार किसी के पास पांच हजार से अधिक कैश इन हैंड नहीं हो सकता। पूर्व चेयरपर्सन ने न तो यह रुपया जमा किया और न कोई हिसाब दिया। पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर दिए उनके जवाब पर पांच सदस्यीय समिति ने मंथन किया। जवाब उपयुक्त न पाते हुएएक और नोटिस जारी किया है। इसकी समय सीमा समाप्त होने वाली है। अब यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो एफआइआर दर्ज की जाएगी।
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