ऊर्जा निगम के लाइनमैन को विभागीय अधिकारियों ने सूचना दी कि कुम्हारबाड़ा में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की शिकायत आई है। लाइनमैन रमेश गुप्ता ने शट डाउन लेकर खंभे पर काम करना शुरू किया। इस दौरान उनकी सहायता के लिए संविदा कर्मी सुभाष बंगाली व दिहाड़ी श्रमिक 30 वर्षीय दिलीप निवासी मायाकुंड मौके पर ही थे। लाइन पर काम चल ही रहा था कि इसी बीच विद्युत उप केंद्र से आपूर्ति जारी कर दी गई। हालांकि शट डाउन समाप्ति को लेकर विभागीय कर्मियों में ही विवाद है, मगर हकीकत में हालात जो सामने आए वह दांतों तले अंगुली दबाने जैसे थे। लाइन पर काम जारी होने के बावजूद आपूर्ति चालू किए जाने के कारण काम पर लगा दिलीप करंट से खंभे पर ही लटक गया। उसका शरीर विभागीय किट में शामिल रस्सी से झूल गया और पैर विद्युत पोल की स्ट्रीट लाइट की तार से उलझ गए। दिलीप के शरीर को अर्थिग मिल जाती तो हालात कुछ और होते, मगर संविदा कर्मी सुभाष ने दिलीप की कमीज पकड़ कर उसका शरीर जमीन या दीवार छुने से बचा लिया। इस बीच लाइनमैन ने नटराज चौक स्थित उप केंद्र में आपूर्ति बंद करने के लिए फोन किया तो लाइन बिजी मिली। समय का इंतजार करने की बजाय लाइनमैन रमेश गुप्ता ने सूझबूझ का परिचय दिया और वह सीधे संबंधित लाइन के ट्रांसफार्मर तक जा पहुंचे और उन्होंने बांस की सहायता से ट्रांसफार्मर का जंपर उड़ा दिया, जिससे आपूर्ति ठप हो गई। करीब दस मिनट तक दिलीप पोल पर ही लटका रहा, जिसे बाद में उतार कर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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