आमरण अनशन पर राज्य आन्दोलनकारी
खटीमा में राज्य आन्दोलनकारी दो दिन से आमरण अनशन पर है। इनमें से एक आंदोलनकारी की तबियत खराब हो जिसके बाद उसे पुलिस जबरन उठाकर अस्पताल ले गई। डाॅकटरों की एक टीम ने आंदोलनकारियों को स्वास्थ्य परीक्षण किया और एक आंदोलनकारी की तबीयत खराब होते देख उसे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा। आंदोलनकारियों ने सरकार पर भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है। नाराज आंदोलनकारियों का कहना है कि रसूखदार लोगों को तो सरकार ने प्रमाण पत्र दे दिए हैं लेकिन जो असल में आंदोलनकारी रहे हैं उनकी अनदेखी की जा रही है। उत्तराखंड बने हुए 11 साल बीत चुके हैं इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों की सरकारें अपना अपना शासन चला चुकी हैं लेकिन किसी भी पार्टी ने आंदोलनकारियों के हक की बात नहीं की। सत्ता में बैठकर राजनेता मलाई खाते रहे अपना पेट भरते रहे, लेकिन जिनकी बदौलत अलग राज्य मिला, और जिनकी बदौलत आज वो राजनेता हैं उन आंदोलनकारियों को दरकिनार कर दिया गया है।
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