Sunday, 24 June 2012

मौन हो गई माही




गुड़गांव। सेना के जवानों ने 86 घंटे बाद मासूम माही को बोरवेल से बाहर निकाल लिया लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गई। गुड़गांव के सीएमओ ने माही को मृत घोषित किया। बोरवेल से निकलने के बाद माही को एंबुलेंस से गुड़गांव के ईएसआई अस्पताल में ले जाया गया जहा डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माही को जैसे ही सेना के जवान लेकर ऊपर आए तुरंत ही माही को ईएसआई अस्पताल की पहले से मौजूद एंबुलेंस से उसे अस्पताल ले जाया गया। माही के साथ जाने वालों में सेना के जवान डाक्टर और उसकी मां भी शामिल है। माही के बाहर निकालने से पहले ही यहां के ईएसआई अस्पताल को हाईअलर्ट पर रखा गया था। चार वर्ष की माही बुधवार को साठ फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। अगले दिन से ही सेना और प्रशासन बच्ची को बोरवेल से निकालने में जुटा था। बोरवेल में गिरी माही तक पहुंचने में रुकावट बनी विशाल चंट्टान को तोड़ने में शनिवार रात करीब 12.30 बजे सैन्यकर्मियों को सफलता मिली। इस बीच बच्ची के शरीर में कोई हरकत न दिखने से राहत कार्य में लगे लोगों की धड़कनें तेज हो गई थी। शनिवार को सेना के साथ रैपिड मेट्रो एवं दिल्ली रेल मेट्रो कॉरपोरेशन के इंजीनियरों ने मोर्चा संभाला था। इसके बाद मेट्रो कर्मियों को सुरंग में उतारा गया। मेट्रो इंजीनियर माही तक पहुंचने के लिए आधुनिक संयंत्र, जीपीएस सहित अन्य तकनीक का उपयोग कर बच्ची की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में जुटे रहे। इससे पूर्व सेना के जवान सुरंग में चट्टान आने के कारण माही तक नहीं पहुंच पाए। उनका कहना था कि वे माही के करीब तक पहुंचे पर बीच में आए चट्टान को काटने में हुई दिक्कत से अधिक समय लगा। इस बीच, माही प्रकरण में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने हरियाणा सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। कहा है कि सरकार इसका पता लगाए कि क्या यह घटना किसी लापरवाही का नतीजा है। राज्य के मुख्य सचिव को लिखे पत्र के माध्यम से आयोग ने यह जानना चाहा है कि इस केस में बोरवेल को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन हुआ कि नहीं। साथ ही यह भी जानना चाहा है कि राज्य सरकार ने बोरवेल को लेकर नियम कानून की अवहेलना करने वालों के खिलाफ में क्या कोई कार्रवाई की। आयोग ने राज्य सरकार से 70 फीट के बोरवेल खोदने व उसे खुला छोड़ देने के परिस्थितियों व तथ्यों पर भी रिपोर्ट तलब किया है। माही मामले से जुड़े बोरवेल व उसके भूमि मालिक और घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने राज्य सरकार से 10 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

Friday, 8 June 2012

अपनी अपनी सियासत चमकाने में लगी राजनीतिक पार्टियां

उत्तराखंड में राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी सियासत चमकाने में लगी हैं। कांग्रेस मंे बार बार हो रही कलह से बड़े नेता परेशान हैं तो बीजेपी को भी सत्ता से बेदखल होने के बाद जनता की याद सताने लगी है। बीजेपी अब मौजूदा सरकार की नाकामियां उजागर करने का दावा कर रही है। सरकार के काम काज पर पहले से ही कई तरह के सवाल उठते रहे हैं और अब विपक्षी पार्टी भी अपने तेवर दिखाने लगी है। बीजेपी नेता सरकार के तीन महीने के कार्यकाल को नाकाम बताने में जुटे हैं। ये बात अलग है कि पांच साल तक सत्ता में रही बीजेपी को कांग्रेस भी पूरी तरह फ्लाप बताती रही। चुनावों में भी बीजेपी को जनता ने सबक सिखाया था और सत्ता से बेदखल कर दिया था। उसके बाद से ही बीजेपी कांग्रेस की सरकार की नाकामियां गिनाने में लगी है। चाहे सितारगंज में सेंध लगाने का मुद्दा रहा हो या फिर राज्य के विकास से जुड़े मुद्दे बीजेपी सरकार को जमकर कोस रही है। हैरानी की बात ये है कि विरोधियों के तमाम सवालों के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुल रही। बहरहाल राजनीतिक बयानबाजी का दौर भले ही जारी हो लेकिन असल मायनों में जनता तो आज भी विकास का इंतजार ही कर रही है। कई जगहों पर तो आम आदमी सड़क बिजली पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी तरस रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजनीतिक दल जनता के बारे में सोचते हैं या अपनी सियासी रोटियों के बारे में।

सरकार के दावे दमदार नहीं

सरकार के दावे दमदार नहीं
उत्तराखंड की सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भले ही तमाम तरह की योजनाएं चलाने के दावे करें लेकिन सरकार के ये दावे दमदार दिखाई नहीं दे रहे हैं। गंगोलीहाट इलाके के स्कूल टीचर्स की कमी से जूझ रहे हैं। इलाके के ज्यादातर स्कूलों की एक ही कहानी है। छात्र-छात्राओं के अनुपात में टीचरों की संख्या बेहद कम है। गंगोलीहाट और बेरीनाग के कई ऐसे प्राथमिक विद्यालय है जहां पर एक-एक टीचर के सहारे ही स्कूल चलाया जा रहा है जबकि कुछ स्कूल तो टीचर बगैर सुने पड़े हैं। गंगोलीहाट और बेरीनाग ब्लाॅक में प्राथमिक विद्यालयों की कुल तादात 313 है। इन स्कूलों में टीचरों के डेढ सौ पद खाली पड़े हैं। जबकि इलाके में 67 जूनियर हाईस्कूूल हैं, जिनमें 40 जूनियर टीचर्स के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा 27 हाईस्कूलों में 135 पद खाली पड़े हैं। साथ ही 29 इंटर काॅलेजों में 103 प्रवक्ताओं के पद खाली है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि स्कूलों में पद तो हैं लेकिन इन्हें भरने के लिए सरकार की मंशा साफ नहीं लगती है। एक तरफ सूबे में पढ़े लिखे काबिल युवा नौकरी के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे है, उधर पद होते हुए भी इन्हें भरने में शिक्षा महकमा लाचार है।

आमरण अनशन पर राज्य आन्दोलनकारी

आमरण अनशन पर राज्य आन्दोलनकारी
खटीमा में राज्य आन्दोलनकारी दो दिन से आमरण अनशन पर है। इनमें से एक आंदोलनकारी की तबियत खराब हो जिसके बाद उसे पुलिस जबरन उठाकर अस्पताल ले गई। डाॅकटरों की एक टीम ने आंदोलनकारियों को स्वास्थ्य परीक्षण किया और एक आंदोलनकारी की तबीयत खराब होते देख उसे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा। आंदोलनकारियों ने सरकार पर भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है। नाराज आंदोलनकारियों का कहना है कि रसूखदार लोगों को तो सरकार ने प्रमाण पत्र दे दिए हैं लेकिन जो असल में आंदोलनकारी रहे हैं उनकी अनदेखी की जा रही है। उत्तराखंड बने हुए 11 साल बीत चुके हैं इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों की सरकारें अपना अपना शासन चला चुकी हैं लेकिन किसी भी पार्टी ने आंदोलनकारियों के हक की बात नहीं की। सत्ता में बैठकर राजनेता मलाई खाते रहे अपना पेट भरते रहे, लेकिन जिनकी बदौलत अलग राज्य मिला, और जिनकी बदौलत आज वो राजनेता हैं उन आंदोलनकारियों को दरकिनार कर दिया गया है।

वन विभाग ने आर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया

वन विभाग ने आर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया
रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के हेमपुर आर्मी इलाके में बाघ के चार शावकों की मौत मामले में वन विभाग ने आर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। वन महकमे की शिकायत पर पुलिस ने कामंडिंग आॅफिसर, आॅफिसर इंचार्ज और जवान समेत कई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आपको बता दें कि रानगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के हेमपुर आर्मी डिपो एरिया में जंगल की आग को काबू करने के लिए सेना और फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंची थी आग पर काबू तो कर लिया गया था लेकिन जंगल की आग में झुलसकर बाघ के तीन शावकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक शावक ने बाद में दम तोड़ दिया था।

रुड़की के आस पास क्राइम

रुड़की के आस पास क्राइम की ताबडतोड़ वारदातों से हर कोइ्र सहमा हुआ है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। पुलिस के ठिलमुल रवैये के चलते ही लोग अपने सगे संबधियों का कत्ल करने से भी नहीं चूक रहे हैं। सदाबाद में एक शख्स पर अपने ही भाई की हत्या का आरोप लगा रहा है। पुलिस के मुताबिक दोनों भाईयांे में खाना बनाने को लेकर कहासूनी हो गई थी। जिसने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस छानबीन कर रही है।

बांद्रा एक्सप्रेस के एक कोच में सूटकेस में एक लङकी की लाश मिली

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हङकंप मच गया है जब बांद्रा से हरिद्वार आई बांद्रा एक्सप्रेस के एक कोच में सूटकेस में एक लङकी की लाश मिली। लाश कई दुकङों में थी और उसे बड़ी ही बेरहमी के साथ कई हिस्सों में काटा गया था। लङकी की इस लाश के करीब 5 दुकङे किए गए थे और इसके पेट वाला हिस्सा भी गायब था। शुक्रवार करीब 3 बजे हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर मुंबई से आने वाली बांद्रा एक्सप्रेस की एस-8 बोगी को सफाई के लिए खड़ा किया गया। एस-8 बोगी को जब सफाई कर्मी सफाई कर रहे थे तभी इस सूटकेस पर उनकी नजर पड़ी। सफाईकर्मी जब सूटकेस के पास पहुंचे तो उसमें से बदबू आ रही थी। जिसके बाद सफाई कर्मियों ने इसकी जानकारी रेलवे पुलिस को दी। जानकारी मिलने पर जीआरपी के जवान फौरन मौके पर पहुंचे। जीआरपी ने सूटकेस खोलकर देखा तो उसमें लाश देखकर हर कोई दंग रह गया। छानबीन में पता चला कि ये एक युवती की लाश थी जिसके कई हिस्सों में काटा गया था।

सितारगंज उपचुनाव की तरीख तय

सितारगंज उपचुनाव की तरीख तय
सितारगंज उपचुनाव की तरीख तय हो गई है। 8 जुलाई को सितारगंज में उपचुनाव होगा। 13 जून को मतदान की अधिसूचना जारी होगी, जबकि 13 से जून के बीच उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 11 जुलाई को उपचुनाव के नतीजे आएंगे। आपको बता दें कि बीजेपी से बागी हुए किरण मंडल के इस्तीफे के बाद सितारगंज की सीट खाली हुई थी। इस सीट पर सीएम बहुगुणा के चुनाव लड़ने की पूरी उम्मीद है। उधर बीजेपी भी कह चुकी है कि चुनाव में कांग्रेस को पूरी टक्कर दी जाएगी।

हंगामेदार बजट सत्र

हंगामेदार बजट सत्र
उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र का आखिरी दिन भी हंगामेदार रहा। सदन के हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही अनिश्चतकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। बीजेपी विधायक गणेश जोशी नियम 58 के तहत चर्चा को लेकर वैल में आकर बैठ गए। जिसके चलते कार्यवाही साढे 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। एक तरफ तो विपक्ष बजट सत्र का वक्त बढांने की मांग करता रहा है, उधर दूसरी तरफ विपक्ष सदन की कार्यवाही में जमकर हंगामा करता रहा। बजट सत्र के आखिरी दिन विपक्ष ने कानून व्यवस्था का मुददा भी उठाया। विपक्ष ने इस मुददे को लेकर जमकर हंगामा किया और जांच की मांग की। उधर सरकार इस मामले पर अपनी स्तर से कार्रवाई करने की बात कर रही है। इस बीच पीडीएफ के तेवर भी तल्ख रहे। दिनेश धनै ने मंत्रीमंडल में जगह ना मिलने पर सरकार से समर्थन वापसी की धमकी दे डाली। दिनेश धनै टिहरी से निर्दलीय विधायक हैं। बाकी दो निर्दलीय विधायकों को तो कैबिनेट में जगह दे दी गई है लेकिन धनै को कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। धनै को अभी भी उम्मीद है कि कांग्रेस सरकार उनकी नाराजगी दूर करेगी। कांग्रेस सरकार में तीन निर्दलीय विधायक शामिल हैं। इनमें से कैबिनेट का हिस्सा बन चुके मंत्री प्रसाद नैथानी धनै की बातों से इŸोफाक रखते हैं। विपक्ष का कहना है कि सदन की अंदर नंदा राजजात यात्रा का मुद्दा भी उठाया गया है जिस पर सीएम ने संज्ञान लिया है। उधर सरकार का कहना है कि राजजात यात्रा को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।

Tuesday, 5 June 2012

केरल पहुंचा मॉनसून

केरल पहुंचा मॉनसून
चिलचालाती गर्मी और मुंह चिढ़ाते सूरज के आगे मॉनसून ने ताल ठोक दी। घनन घन घन..घिर आए हैं बदरा और मंगलवार को केरल में बरसे भी। इसके साथ ही भारत में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने दस्तक दे दी। मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक दम सटीक साबित हुई। मॉनसून ने निर्धारित समय पर न सही, लेकिन मौसम विभाग के बताए समय पर अपना काम शुरू कर ही दिया। मौसम विभाग ने कहा, केरल में कुछ दिन पहले से ही बारिश हो रही है, लेकिन मंगलवार को जो बारिश हुई, वह मॉनसून के आगमन का संकेत है। दो-तीन दिन में यह हैदराबाद और बेंगलूर में प्रवेश करेगा, जबकि 10-11 जून को मुंबई पहुंचेगा। मध्य भारत में इसके 15-17 जून को सक्रिय होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है। वहीं राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत में यह जून के अंतिम सप्ताह तक सक्रिय होगा।

ड्रोन हमले में मारा गया अल कायदा का रणनीतिज्ञ!

पेशावर। पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम इलाके में सोमवार को हुए ड्रोन हमले में अल कायदा के सबसे बड़े रणनीतिज्ञ अबु याहया अल लिबि के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। अगर अल लिबि की मारे जाने की खबर पुख्ता हुई तो पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा झटका होगा। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से यह जानकारी मिली है। बताया जाता है कि लिबि केमिस्ट्री डिग्री के धारक है। इसके पहले भी लिबि कई बार ड्रोन हमलों से बच गए है,लेकिन सोमवार को उत्तर वाजिरिस्तान में हुए ड्रोन हमले में मारे गए सात सैनिकों में एक अल लिबि के होने की संभावना जताई जा रही है। अल लिबि का असल नाम मुहम्मद हसन है।

रामदेव को पांच करोड़ का नोटिस

रामदेव को पांच करोड़ का नोटिस
काले धन को लेकर केंद्र सरकार पर हमले करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव को आयकर विभाग के बाद अब सेवा कर विभाग ने नोटिस थमाया है। देशभर में उनके ट्रस्ट द्वारा संचालित योग शिविरों से हुई आय पर सेवा कर विभाग ने 4.96 करोड़ का बकाया कर चुकाने को कहा है। इससे पहले आयकर विभाग ने रामदेव के ट्रस्टों पर 58 करोड़ के बकाये को लेकर नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी करने के साथ ही डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस (डीजीसीईआइ) की जांच शाखा ने रामदेव के ट्रस्टों के खातों की पड़ताल शुरू कर दी है। विभाग की नजर ट्रस्टों द्वारा 2006 के बाद आयोजित कार्यक्रमों पर है। सेवा कर विभाग ने हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ को योग शिविरों में बेचे गए आवासीय और गैर आवासीय कूपनों से हुई कमाई पर ताजा नोटिस भेजा है। देश में आयोजित इन शिविरों में पिछले पांच सालों में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। नोटिस पर रामदेव के प्रवक्ता एसके तिजरावाला का कहना है कि वे सेवा कर विभाग के कदम को चुनौती देंगे। योग शिविरों का आयोजन लोगों को चिकित्सा मदद देने के उद्देश्य से किया गया था।

बाबा के साथ भाजपा

बाबा के साथ भाजपा
अन्ना हजारे के मंच पर खड़े होने के बाद थोड़ी दूरी बनाने को मजबूर हुई भाजपा बाबा रामदेव के साथ पूरी तरह खड़ी है। सोमवार को भाजपा का समर्थन मांगने आए रामदेव के पैर छूकर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इसका संकेत दे दिया है। भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले आंदोलन में भाजपा अपना पूरा योगदान देगी। रामदेव को इसका लिखित आश्वासन दिया गया है। पार्टी के कुछ नेताओं का हालांकि मानना है कि रामदेव के आंदोलन से जुड़ने के बजाय बाहर से समर्थन देना चाहिए। अब तक अलग-अलग चल रहे रामदेव और अन्ना ने रविवार को हाथ मिलाने के बाद राजनीतिक दलों को भी जोड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। सोमवार को रामदेव सबसे पहले गडकरी के आवास पर पहुंचे तो गडकरी ने भी उन्हें हाथों-हाथ लिया। गडकरी ने काले धन को वापस लाने की रामदेव की मुहिम को गैर राजनीतिक करार देते हुए सभी दलों से साथ आने की अपील की।

हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत

  हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत हो गई है। अगर आप हरिद्वार महाकुंभ Haridwar Kumbh में आने चाहते हैं तो आपको कोविड  (Covid-19)...