Tuesday, 29 January 2013

मैक्स जीप दुर्घटनाग्रस्त, 14 की मौत, दर्जनों घायल


उत्तरकाशी के पुरोला में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। सवारियों से भरी मैक्स के करीब पांच सौ मीटर गहरी खाई मं गिर जाने से 13 लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन ने 13 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है जबकि स्थानीय लोगों की माने तो 14 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि इस मैक्स गाड़ी में 30 से ज्यादा लोग सवार थे। कुछ सवारी मैक्स के अंदर बैठी हुई थी जबकि कुछ छत पर बैठकर सफर कर रही थी। जिस जगह हादसा हुआ है वहां पर काफी बर्फ जमी हुई है। हादसा जखोल-सांकरी रोड पर घुइया घाटी के पास हुआ। मैक्स बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरी। ये सभी लोग जखोल में समेश्वर देवता मेले को देखकर वापस लौट रहे थे। सीएम बहुगुणा ने हादसे की मजीस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। राहत और बचाव कार्य में सबसे ज्यादा दिक्कत इस बात को लेकर है कि जिस जगह ये हादसा हुआ उस जगह पर संचार सेवा ठप है।

राजभवन का राज


राजभवन में पीएसी के एक जवान ने गोली मारकर खुद की जान ले ली। पीएसी की 46वीं वाहिनी का ये जवान था और इसे राजभवन की सुरक्षा में रखा गया था। बताया जा रहा है मृतक जवान रामनगर का रहने वाला था।

Saturday, 26 January 2013

पहाड़ की परेशानी


उत्तराखंडः गंगोलीहाटः भले ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़े कानून बनाने बात की जा रही हो लेकिन सवाल ये है कि क्या महिलाओं अब महफूज हो पाएंगी। पहाड़ी इलाकों की महिलाएं लंबे अर्से से उत्पीड़न का शिकार होती आ रही है। बाहरी राज्यों के लोग पहाड़ की भोलीभाली आवाम को झांसा देकर उनकी लड़कियों का शादी के नाम पर सौदा करते आ रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो गंगोलीहाट इलाके में बाहरी राज्यों में हुई शादियों में ज्यादातर लड़कियां गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं। दिक्कत सिर्फ इस बात की नहीं है कि पहाड़ की महिलाएं उत्पीड़न का शिकार हो रही है बल्कि इन्हें मानसिक तौर पर टाॅर्चर भी किया जाता है। कई मामले ऐसे हैं जिनमें महिलाएं शादी के बाद वापस घर लौट आई हैं। महिलाओं के साथ उत्पीड़न के मामले लंबे वक्त से चले आ रहे हैं लेकिन हैरानी इस बात की है कि प्रशासन आज तक कोई कारगर कदम नहीं उठा पाया। प्रशासन दावा कर रहा है कि इस तरह के मामलों पर निगरानी कमेटी का गठन किया गया है। पहाड़ की भोली भाली आवाम को फंसाना दलालों के लिए बाएं हाथ का खेल होता है। ये ऐसे परिवारों पर जाल फेंकतें हैं जो गरीब हों। ऐसे परिवार की लड़कियों की शादी कराने के नाम मोटे पैसांे का लालच दिया जाता है। एक बार लड़की दलालों के चंगुल में आई तो समझिए आज़ाद हो पाना आसान नहीं हो पाता है। प्रशासन ने रणनीति तो बनाई है लेकिन ये कितनी कारगर साबित होगी ये देखने वाली बात है।

रुद्रपुर और काशीपुर बने नगर निगम


ब्यूरो- गणतंत्र दिवस पर सीएम की ये घोषणा लोगांे के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। गणतंत्र दिवस पर सीएम ने रुद्रपुर और काशीपुर को नगर निगम बनाए जाने का ऐलान कर लोगों के जश्न को दोगुना कर दिया है। हर तरफ जश्न है और लोग सीएम का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। रुद्रपुर और काशीपुर को नगर निगम का दर्जा मिल गया है लिहाजा लोगों के खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। लोगों का मानना है कि नगर निगम बनने से शहर का विकास होगा, जिससे उनकी तरक्की के भी रास्ते खुलेंगे। लोगांे को उम्मीद है जिस तरह से सरकार ने नगर निगम की घोषणा की उसी तरह से नगर निगम भी शहर के विकास की तरफ ध्यान देगा। दो नए नगर निगम बनने के बाद अब उŸाराखंड में अब कुल 6 नगर निगम हो जाएंगे। इससे पहले देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार और रुड़की नगर निगम का दर्जा हासिल कर चुके हैं। अब इंतजार उस पल का किया जा रहा है जब रुद्रपुर और काशीपुर नगर निगम का ढांचा बनकर तैयार हो जाएगा और शहर विकास की पटरी पर दौड़ने लगेगा।

हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत

  हरिद्वार कुंभ (Haridwar Kumbh 2021) की शुरुआत हो गई है। अगर आप हरिद्वार महाकुंभ Haridwar Kumbh में आने चाहते हैं तो आपको कोविड  (Covid-19)...